शनि की वक्री चाल बढ़ाती है साढ़ेसाती की उलझन, जानें कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर कब तक रहेगा असर
Shani Vakri 2026: शनि की वक्री चाल के कारण साढ़ेसाती के चरणों में बदलाव हो सकता है। ऐसे में सिर्फ शनि के राशि परिवर्तन से साढ़ेसाती खत्म या शुरू होने का फैसला नहीं होता। जानें कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर शनि की वक्री चाल का क्या असर पड़ेगा और उनकी साढ़ेसाती कब पूरी तरह समाप्त होगी।

शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं। एक राशि में करीब ढाई साल रहने के दौरान शनि कई बार वक्री भी होते हैं। वक्री होने पर शनि पिछली राशि में लौट सकते हैं। यही वजह है कि कई लोगों को लगता है कि साढ़ेसाती खत्म हो गई, लेकिन कुछ समय बाद उसका असर फिर शुरू हो जाता है। ऐसे में सिर्फ शनि का राशि परिवर्तन देखना काफी नहीं होता। यह भी देखना जरूरी होता है कि शनि दोबारा उसी राशि में लौटेंगे या नहीं। इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है।
आइए जानते हैं कुंभ, मीन और मेष राशि वालों के लिए आगे क्या स्थिति रहेगी।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों पर इस समय साढ़ेसाती का तीसरा और आखिरी चरण चल रहा है। शनि जब पहली बार मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब इस राशि के लोगों को साढ़ेसाती से राहत मिल जाएगी। इसके बाद शनि वक्री होकर मीन राशि में तो लौटेंगे, लेकिन कुंभ राशि में वापस नहीं आएंगे। इसलिए इस चक्र में कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती दोबारा नहीं लगेगी।
समझिए पूरा क्रम
मकर में शनि – पहला चरण
कुंभ में शनि – दूसरा चरण
मीन में शनि – तीसरा चरण
3 जून 2027 -शनि मेष राशि में जाएंगे और साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी।
इसके बाद शनि मीन में लौटेंगे, लेकिन कुंभ राशि में नहीं आएंगे। इसलिए दोबारा साढ़ेसाती नहीं लगेगी।
अगली बार साढ़ेसाती कब लगेगी?
इस चक्र के बाद कुंभ राशि वालों को करीब 29 साल इंतजार करना होगा। अगली बार शनि जब फिर मकर राशि में आएंगे, तभी नई साढ़ेसाती शुरू होगी। मौजूदा गणना के अनुसार यह समय करीब 2054-2055 के आसपास माना जा रहा है।
मीन राशि
मीन राशि वालों पर अभी साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। 3 जून 2027 को शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इससे साढ़ेसाती खत्म नहीं होगी, बल्कि तीसरा चरण शुरू होगा। इसके बाद 20 अक्टूबर 2027 को शनि वक्री होकर फिर मीन राशि में लौटेंगे। इससे दोबारा दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। फिर 23 फरवरी 2028 को शनि दोबारा मेष राशि में प्रवेश करेंगे और तीसरा चरण फिर शुरू होगा। 8 अगस्त 2029 को शनि वृषभ राशि में जाएंगे। इसके साथ ही मीन राशि वालों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी। इसके बाद शनि वक्री होकर मेष राशि में लौटेंगे, लेकिन मीन राशि में नहीं आएंगे। इसलिए मीन राशि वालों पर इस चक्र की साढ़ेसाती दोबारा नहीं लगेगी।
समझिए पूरा क्रम
कुंभ – पहला चरण
मीन – दूसरा चरण
3 जून 2027 – तीसरा चरण शुरू
20 अक्टूबर 2027 – वक्री होकर मीन में वापसी, दूसरा चरण फिर शुरू
23 फरवरी 2028 – तीसरा चरण फिर शुरू
8 अगस्त 2029 – वृषभ में प्रवेश, साढ़ेसाती समाप्त।
अगली बार साढ़ेसाती कब लगेगी?
मीन राशि वालों पर अगली साढ़ेसाती तब शुरू होगी, जब शनि फिर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। मौजूदा गोचर चक्र के अनुसार यह समय करीब 2057-2058 के आसपास माना जा रहा है।
मेष राशि
मेष राशि वालों की साढ़ेसाती 29 मार्च 2025 को शनि के मीन राशि में प्रवेश के साथ शुरू हो चुकी है। अभी पहला चरण चल रहा है। 3 जून 2027 को शनि मेष राशि में जाएंगे। इसके साथ दूसरा चरण शुरू होगा। लेकिन 20 अक्टूबर 2027 को शनि वक्री होकर फिर मीन राशि में लौटेंगे। इससे दोबारा पहला चरण शुरू हो जाएगा। 23 फरवरी 2028 को शनि फिर मेष राशि में आएंगे और दूसरा चरण दोबारा शुरू होगा। 8 अगस्त 2029 को शनि वृषभ राशि में जाएंगे। इसके साथ तीसरा चरण शुरू होगा। इसके बाद 5 अक्टूबर 2029 को शनि वक्री होकर फिर मेष राशि में लौटेंगे। इससे दोबारा दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। फिर 17 अप्रैल 2030 को शनि दोबारा वृषभ राशि में जाएंगे और तीसरा चरण फिर शुरू होगा। मेष राशि वालों की साढ़ेसाती तब पूरी तरह समाप्त होगी, जब शनि मिथुन राशि में स्थायी रूप से प्रवेश करेंगे। इसके बाद शनि दोबारा वृषभ राशि में नहीं लौटेंगे।
समझिए पूरा क्रम
29 मार्च 2025 – पहला चरण शुरू
3 जून 2027 – दूसरा चरण शुरू
20 अक्टूबर 2027 – वक्री होकर मीन में वापसी, पहला चरण फिर शुरू
23 फरवरी 2028 – दूसरा चरण फिर शुरू
8 अगस्त 2029 – तीसरा चरण शुरू
5 अक्टूबर 2029 – वक्री होकर मेष में वापसी, दूसरा चरण फिर शुरू
17 अप्रैल 2030 – तीसरा चरण फिर शुरू
मिथुन राशि में शनि के स्थायी प्रवेश के बाद साढ़ेसाती पूरी तरह समाप्त होगी।
अगली बार साढ़ेसाती कब लगेगी?
मेष राशि वालों पर अगली साढ़ेसाती तब शुरू होगी, जब शनि फिर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। मौजूदा गोचर चक्र के अनुसार यह समय करीब 2060-2061 के आसपास माना जा रहा है।
शनि की वक्री चाल क्यों बढ़ाती है उलझन?
साढ़ेसाती हमेशा चंद्र राशि से एक राशि पहले शुरू होती है। चंद्र राशि में इसका दूसरा चरण चलता है और चंद्र राशि से एक राशि आगे तीसरा चरण माना जाता है। शनि जब वक्री होकर पिछली राशि में लौटते हैं तो साढ़ेसाती का चरण भी बदल जाता है। इसलिए ज्योतिष में शनि के स्थायी गोचर को ज्यादा अहम माना जाता है। उसी के आधार पर साढ़ेसाती की अंतिम शुरुआत और अंतिम समाप्ति तय की जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
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