Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से 138 दिन वक्री रहेंगे शनि, मकर, कुंभ और मीन वाले रहें सतर्क

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Vakri 2026: 27 जुलाई 2026 से शनि मीन राशि में वक्री होकर 11 दिसंबर 2026 तक इसी चाल में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मकर, कुंभ और मीन राशि के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन तीनों राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है।

Shani Vakri

Shani Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह माना जाता है। जब शनि अपनी चाल बदलते हैं तो इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इस बार 27 जुलाई 2026 से शनि वक्री होने जा रहे हैं। शनि करीब 138 दिन तक वक्री रहेंगे और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे। इस दौरान शनि मीन राशि में ही वक्री चाल से गोचर करेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार, इस अवधि में कुछ राशियों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

मकर, कुंभ और मीन वालों को क्यों रहना होगा सतर्क

इस समय मकर, कुंभ और मीन राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब कोई ग्रह वक्री होता है तो उसका प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है। ऐसे में जिन राशियों पर पहले से शनि का प्रभाव चल रहा हो, उन्हें इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को केवल नकारात्मक परिणाम ही मिलेंगे। किसी भी व्यक्ति का फल उसकी पूरी जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

किन बातों का रखें ध्यान

मकर राशि के लोगों को नौकरी और कारोबार में जल्दबाजी से बचना चाहिए। किसी भी बड़े फैसले को सोच-समझकर लें। पैसों के मामलों में लापरवाही नुकसान करा सकती है।

कुंभ राशि वालों को काम के साथ धैर्य रखना होगा। कार्यस्थल और परिवार में बेवजह की बहस से बचें। खर्च पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा और निवेश सोच-समझकर करें।

मीन राशि के लोगों के लिए यह समय थोड़ा चुनौती भरा हो सकता है। काम का दबाव बढ़ सकता है और कुछ योजनाओं में देरी हो सकती है। ऐसे में धैर्य के साथ काम करना और बिना सोचे-समझे कोई बड़ा फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा।

घबराने की नहीं, संभलकर चलने की जरूरत

ज्योतिषियों का कहना है कि शनि केवल कठिनाई देने वाले ग्रह नहीं हैं। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए वक्री शनि के दौरान अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी से किए गए काम का अच्छा परिणाम भी मिल सकता है। इस समय जल्दबाजी से बचना, जिम्मेदारियों को ठीक से निभाना और धैर्य बनाए रखना सबसे जरूरी माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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