Shani Vakri 2026: शनि के वक्री होते ही मेष को राहत, मकर को रहना होगा सतर्क

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Vakri 2026: ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि की वक्री चाल का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। इस दौरान मेष राशि के लोगों को अटके काम पूरे होने और राहत मिलने के संकेत हैं, जबकि मकर राशि वालों को करियर, कामकाज और आर्थिक मामलों में अधिक सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है।

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Shani Vakri 2026: शनि की वक्री चाल का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस दौरान कुछ राशियों को राहत मिलेगी तो कुछ को पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी। शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री चलेंगे। यह वक्री अवस्था करीब 138 दिनों तक यानी 11 दिसंबर 2026 तक रहेगी। खासकर मेष और मकर राशि के लिए यह समय अलग-अलग तरह के संकेत लेकर आया है।

मेष राशि वालों के लिए राहत का समय

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि के वक्री होने के बाद मेष राशि के जातकों के लिए हालात पहले से बेहतर होने लगेंगे। लंबे समय से अटके काम धीरे-धीरे पूरे होने के योग बनेंगे। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। अगर किसी काम में बार-बार रुकावट आ रही थी तो अब उसमें आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

इस दौरान जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य के साथ फैसले लेना बेहतर रहेगा। शनि जब तक वक्री रहेंगे, तब तक मेष राशि के लोगों को अपेक्षाकृत राहत मिलने के संकेत हैं।

मकर राशि के लिए बढ़ सकती हैं चुनौतियां

पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि शनि की वक्री चाल मकर राशि वालों की परीक्षा ले सकती है। जिन लोगों के काम अभी तक सामान्य चल रहे थे, उन्हें अचानक कुछ नई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। काम का दबाव बढ़ सकता है और छोटी-छोटी बातों में भी रुकावट महसूस हो सकती है।

कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर फैसला लेना बेहतर रहेगा। किसी भी बड़े निवेश या जल्दबाजी में लिए गए निर्णय से बचना चाहिए।

धैर्य और अनुशासन की होगी सबसे ज्यादा जरूरत

ज्योतिष के अनुसार, शनि कर्म और न्याय के ग्रह माने जाते हैं। उनकी वक्री चाल अक्सर व्यक्ति को अपने पुराने काम, फैसलों और जिम्मेदारियों की ओर देखने का मौका देती है। ऐसे में मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखने वाले लोगों को लंबे समय में इसका लाभ मिल सकता है।

हालांकि, किसी भी राशि का फल व्यक्ति की जन्म कुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसलिए इसे सामान्य ज्योतिषीय अनुमान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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