
शनि साढ़ेसाती वाली राशियों के लिए धनतेरस का दिन बहुत खास, मिलेगा मां लक्ष्मी और शनिदेव का आशीर्वाद
संक्षेप: धन त्रयोदशी का 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। 18 अक्तूबर(शनिवार) को शनि प्रदोष भी धनतेरस के दिन पड़ रहा है। कार्तिक मास की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग भी बन रहा है।
धन त्रयोदशी का 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। 18 अक्तूबर(शनिवार) को शनि प्रदोष भी धनतेरस के दिन पड़ रहा है। कार्तिक मास की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग भी बन रहा है। धन तेरस पर एक तरफ जहां मां लक्ष्मी की कृपा मिलेगी, वहीं भगवान शिव और शनिदेव की भी कृपा रहेगी। दरअसल इस बार धनतेरस पर शनि प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। एक तरफ प्रदोष व्रत से भगवान शिव प्रसन्न होंगे। प्रदोष काल में त्रियोदशी तिथि व शनिवार दिन होने से अनिष्ट ग्रहों से मुक्ति, शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से मुक्ति मिलती है। मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, संतान सुख, आर्थिक समृद्धि, भौतिक समृद्धि के कारक शनि देव भी कृपा बरसाएंगे, इसलिए शनि साढ़ेसाती वाली राशियों को इस दिन खास उपाय करना चाहिए। शाम को धनतेरस के साथ ही शनि प्रदोष की पूजा भी करें। ऐसे में यह दिन शनि साढ़ेसाती वाली राशियों के लिए भी बहुत ही शुभ रहेगा। शनि साढ़ेसाती वाली राशियां इस दिन मां लक्ष्मी, हनुमान जी, भगवान शिव और शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उपाय करें। आपको बता दें कि शनि प्रदोष में धनतेरस 18 तो दीपावली 20 को मनेगी।

शनि साढ़ेसाती वाली राशियां क्या करें
शनि की साढ़ेसाती से राहत के लिए धनतेरस के दिनपीपल के पेड़ पर जल और काले तिल चढ़ाएं, शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करें और हनुमान चालीसा पढ़ें। भगवान शिव का अभिषेक करें। ऐसा करने से शनि साढ़ेसाती वाली राशियों को शनि कृपा और राहत मिलेगी। शनिसाढे साती वाली राशियां कुंभ, वृषभ और सिंह लग्न में मां लक्ष्मी की पूजा करें। शाम के समय घर में दीप जलाएं। इस दिन सुबह श्री सूक्त पाठ करें, इसके बाद गन्ने के रस से मां लक्ष्मी का हवन करें। ऐसा कहा जाता है कि धन प्राप्ति, कर्ज मुक्ति व्यापार वृद्धि के लिए श्री सूक्त के पाठ करके गन्ने के रस से स्थिर लग्न में हवन किया जाए तो धन लाभ मिलता है।
धनतेरस पर शाम को पूजा और खरीददारी के शुभ मुहूर्त
प्रदोषकाल मुहूर्त : शाम 5:18 बजे से 7:57 बजे तक, कर्क लग्न : रात 11 बजे से देर रात 1:18 बजे तक, सिंह लग्न : मध्यरात्रि 1:18 बजे देर रात 3:32 बजे तक
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





