शनि की साढ़ेसाती से कब मिलेगी राहत? कुंभ, मीन और मेष वालों के लिए क्या है आगे का समय?
शनि की साढ़ेसाती से कुंभ, मीन और मेष राशि वालों को 2026 में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में प्रवेश करने पर कुंभ राशि की साढ़ेसाती खत्म होगी। मीन राशि वालों को भी आगे चलकर राहत मिलेगी, लेकिन शनि के वक्री होने से बीच में असर बदल सकता है।

शनि की साढ़ेसाती को लेकर कुंभ, मीन और मेष राशि के लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि आखिर इससे राहत कब मिलेगी। इस समय इन तीनों राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। हालांकि आने वाले समय में शनि की राशि बदलने के साथ इसका असर भी बदलता जाएगा।ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार अभी कुंभ, मीन और मेष राशि वालों को कोई बड़ी राहत मिलने वाली नहीं है। शनि जब तक मीन राशि में रहेंगे, इन तीनों राशियों पर साढ़ेसाती का असर बना रहेगा।
2026 में नहीं मिलेगी बड़ी राहत
शनि ने 29 मार्च 2025 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश किया था। इसके साथ ही मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण और मेष राशि पर पहला चरण शुरू हुआ, जबकि कुंभ राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। साल 2026 में शनि राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। यानी इस पूरे साल शनि मीन राशि में ही रहेंगे। इसलिए कुंभ, मीन और मेष राशि वालों को अभी साढ़ेसाती से पूरी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
3 जून 2027 को बदलेगी स्थिति
शनि 3 जून 2027 को पहली बार मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस बदलाव के साथ कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। यानी कुंभ राशि के लोगों के लिए यह बड़ी राहत का समय होगा। लेकिन इसी के साथ मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। यानी एक राशि को राहत मिलेगी तो दूसरी राशि पर इसका अगला चरण शुरू होगा।
मीन राशि वालों को भी मिलेगी राहत, लेकिन बाद में
शनि के मेष में जाने पर मीन राशि वालों की साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा। हालांकि शनि 20 अक्टूबर 2027 को वक्री होकर दोबारा मीन राशि में लौट आएंगे। इसलिए इस दौरान साढ़ेसाती के असर में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। इसके बाद शनि 23 फरवरी 2028 को स्थायी रूप से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद मीन राशि वालों की साढ़ेसाती पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
मेष वालों को अभी लंबा समय करना होगा इंतजार
मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का समय सबसे लंबा रहने वाला है। शनि के मेष में प्रवेश करने के बाद इनकी साढ़ेसाती का मुख्य यानी दूसरा चरण चलेगा। इसके बाद जब शनि वृषभ राशि में जाएंगे, तब मेष राशि वालों को राहत मिलेगी और वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का नया चरण शुरू होगा।
इस तरह शनि की साढ़ेसाती में एक राशि को राहत मिलती है तो दूसरी राशि इसकी चपेट में आ जाती है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार अभी कुंभ, मीन और मेष राशि वालों को धैर्य रखना होगा। आने वाले समय में शनि की चाल बदलने के साथ इन तीनों राशियों पर इसका असर भी धीरे-धीरे बदलता जाएगा।


