कुंभ राशि वालों 2027 में मिलेगी शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति, मेष, मीन को करना होगा इंतजार, यहां जानें सबकुछ

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को विशेष स्थान प्राप्त है। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल चलते हैं, लेकिन असर सबसे गहरा छोड़ते हैं। यही वजह है कि जब शनि किसी राशि में आते हैं तो उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। शनि करीब ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं।

कुंभ राशि वालों 2027 में मिलेगी शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति, मेष, मीन को करना होगा इंतजार, यहां जानें सबकुछ

ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को विशेष स्थान प्राप्त है। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल चलते हैं, लेकिन असर सबसे गहरा छोड़ते हैं। यही वजह है कि जब शनि किसी राशि में आते हैं तो उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। शनि करीब ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं और इसी क्रम में साढ़ेसाती बनती है, जिसकी कुल अवधि करीब साढ़े सात साल होती है। इसे तीन हिस्सों में बांटा जाता है- शुरुआती, मध्य और अंतिम चरण।

साढ़ेसाती को लेकर लोगों में डर बना रहता है। वजह साफ है- इस दौरान जीवन में दबाव बढ़ता है। काम ज्यादा होता है, जिम्मेदारियां बढ़ती हैं और कई बार चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं चलतीं। लेकिन इसे सिर्फ खराब समय मानना ठीक नहीं है। यही वह दौर होता है जब इंसान खुद को संभालना और सही फैसले लेना सीखता है।

इस समय शनि मीन राशि में हैं। ऐसे में मीन, मेष और कुंभ राशि के लोगों पर साढ़ेसाती का असर चल रहा है। तीनों राशियों की स्थिति अलग है, इसलिए असर भी अलग तरह से दिखेगा।

मेष राशि- साढ़ेसाती का पहला चरण

मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती की शुरुआत 29 मार्च 2025 से हो चुकी है। अभी इसका पहला चरण चल रहा है। इस समय अचानक बदलाव ज्यादा देखने को मिलते हैं। काम का बोझ बढ़ सकता है और जिम्मेदारियां पहले से ज्यादा लग सकती हैं। कई बार मेहनत करने के बाद भी रिजल्ट देर से मिलता है, जिससे मन परेशान हो सकता है।

मेष राशि वालों को कब मिलेगी राहत-

मेष राशि वालों को इस स्थिति से पूरी राहत 31 मई 2032 के बाद ही मिलेगी। इसलिए अभी जल्दबाजी से बचना और धैर्य रखना जरूरी है।

कुंभ राशि- शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण

कुंभ राशि वालों के लिए अब हालात धीरे-धीरे ठीक होने लगे हैं। इन पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। इस फेज में पहले जैसी परेशानियां कम होने लगती हैं और काम बनने लगते हैं।

कुंभ राशि वालों को कब मिलेगी राहत-

3 जून 2027 को शनि के राशि बदलते ही कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। यानी अब राहत ज्यादा दूर नहीं है।

मीन राशि- शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण

मीन राशि वालों पर अभी साढ़ेसाती का असर बना हुआ है और आगे भी रहेगा। 3 जून 2027 से इसका दूसरा चरण शुरू होगा, जिसे थोड़ा कठिन माना जाता है। इस दौरान करियर, सेहत और पैसों से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

मीन राशि वालों को कब मिलेंगी राहत

मीन राशि वालों को पूरी राहत 8 अगस्त 2029 के बाद मिलेगी। तब तक संभलकर चलना जरूरी रहेगा।

क्या सच में डरने की जरूरत है?- साढ़ेसाती को लेकर डर होना आम बात है, लेकिन हर बार यह नुकसान ही दे ऐसा जरूरी नहीं है। यह समय आपको मजबूत बनाता है। गलतियों से सीखने और खुद को बेहतर करने का मौका देता है। अगर इस दौरान आप धैर्य रखें, सोच-समझकर फैसले लें और जिम्मेदारियों से भागें नहीं, तो आगे चलकर इसका फायदा जरूर मिलता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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