2028 में बदलेगा शनि का खेल! इन राशियों पर शुरू होगी साढ़ेसाती और ढैया

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Sade Sati: 23 फरवरी 2028 को शनि के स्थायी रूप से मेष राशि में प्रवेश करने के बाद साढ़ेसाती और ढैय्या का क्रम बदल जाएगा। इसके बाद वृषभ, मेष और मीन राशि साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों में होंगी, जबकि कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैया शुरू होगी।

Vakri Shani Rashifal 2026
वक्री शनि का मेष से लेकर मीन राशि पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्मफल देने वाला ग्रह माना जाता है। शनि करीब ढाई साल में एक राशि बदलते हैं। इसी वजह से किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या लंबे समय तक रहती है। वर्तमान में शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इस कारण तीन राशियां साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं, जबकि दो राशियों पर ढैय्या मानी जाती है। शनि 27 जुलाई 2026 से वक्री भी होने जा रहे हैं, इसलिए शनि से जुड़े योग और भी चर्चा में हैं।

अभी किन राशियों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती?

मेष राशि- पहला चरण

मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती की शुरुआत हो चुकी है। इस चरण में खर्च बढ़ना, जिम्मेदारियां बढ़ना और धैर्य की परीक्षा जैसी स्थितियां बन सकती हैं।

मीन राशि- दूसरा चरण

मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। इसे सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

कुंभ राशि- तीसरा चरण

कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। इस दौरान पिछले कुछ वर्षों से चल रही परिस्थितियों में धीरे-धीरे राहत मिलने की शुरुआत हो सकती है। (DesiUtils.in)

इन राशियों पर चल रही है ढैया

शनि के वर्तमान गोचर के अनुसार सिंह और धनु राशि के जातक ढैय्या के प्रभाव में माने जाते हैं। इस दौरान कामकाज में अतिरिक्त मेहनत, निर्णय लेने में सावधानी और धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

2027 में शनि जाएंगे मेष में

शनि का अगला बड़ा राशि परिवर्तन साल 2027 में होगा, जब शनि मीन से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद कुछ समय के लिए वक्री होकर दोबारा मीन राशि में लौटेंगे और फिर 23 फरवरी 2028 को स्थायी रूप से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसी स्थायी गोचर के बाद साढ़ेसाती और ढैय्या का क्रम नई राशियों पर शिफ्ट होगा।

23 फरवरी 2028 के बाद किस राशि पर क्या असर होगा?

साढ़ेसाती- वृषभ (पहला चरण), मेष (दूसरा चरण), मीन (तीसरा चरण)

ढैय्या- कर्क और वृश्चिक राशि

इसके साथ ही कुंभ राशि के जातक साढ़ेसाती से पूरी तरह बाहर आ जाएंगे।

साढ़ेसाती और ढैया क्या होती है?

जब शनि जन्म की चंद्र राशि से एक राशि पहले, उसी राशि और उसके बाद वाली राशि में गोचर करते हैं तो लगभग साढ़े सात साल की अवधि को साढ़ेसाती कहा जाता है। वहीं चंद्र राशि से चौथे और आठवें भाव में शनि का गोचर ढैया कहलाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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