291 दिन बाद इस राशि पर शुरू होगी शनि की साढ़ेसाती, 2027 में बदलेगा पूरा समीकरण; जानें किस राशि पर पड़ेगा असर

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Sade Sati 2027: 3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में प्रवेश के साथ वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। 16 अगस्त 2026 से इसकी गणना करें तो करीब 291 दिन बाद यह स्थिति बनेगी। पहले चरण में खर्च, यात्रा, जिम्मेदारियों और आर्थिक फैसलों पर ध्यान देना जरूरी रहेगा।

Shani Ki Sade Sati 2026
Shani Ki Sade Sati 2026

Shani Sade Sati 2027: शनि की साढ़ेसाती को लेकर ज्योतिष में काफी चर्चा रहती है। इसकी वजह भी है। शनि का गोचर लंबे समय तक एक ही राशि में रहता है और इसका असर चंद्र राशि के आधार पर देखा जाता है। अब शनि के अगले राशि परिवर्तन के साथ एक और राशि साढ़ेसाती के दायरे में आ जाएगी। 3 जून 2027 को शनि मेष राशि में प्रवेश करेगा। इस गोचर के साथ वृषभ राशि वालों की साढ़ेसाती शुरू होगी। यानी 16 अगस्त 2026 से गणना करें तो करीब 291 दिन बाद वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा।

वृषभ राशि पर क्यों शुरू होगी साढ़ेसाती?

ज्योतिष में साढ़ेसाती की गणना जन्म की चंद्र राशि से की जाती है। जब शनि चंद्र राशि से एक राशि पहले गोचर करता है तो साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू माना जाता है। अभी शनि मीन राशि में है। इसके बाद मेष राशि में जाएगा। मेष, वृषभ से एक राशि पहले है। इसलिए शनि के मेष में पहुंचते ही वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा।

पहले चरण में किन बातों पर रहेगा जोर?

साढ़ेसाती के पहले चरण को शनि के 12वें भाव से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान खर्च, यात्राएं, जिम्मेदारियां और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है। कुछ लोगों को काम के सिलसिले में जगह बदलने या घर से दूर जाने के मौके भी मिल सकते हैं। वृषभ राशि वालों के लिए इस समय सबसे जरूरी होगा कि बिना सोचे बड़ा खर्च न करें। कर्ज या निवेश से जुड़े फैसलों में भी जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि साढ़ेसाती शुरू होते ही परेशानियां बढ़ जाएंगी। शनि का असर हर व्यक्ति की जन्मकुंडली के हिसाब से अलग होता है। किसी के लिए यही समय नौकरी में बदलाव, नई जिम्मेदारी या लंबे समय से अटके काम को पूरा कराने वाला भी हो सकता है।

2027 में फिर बदलेगी शनि की चाल

शनि 3 जून 2027 को मेष में जाएंगे, लेकिन इसके कुछ समय बाद वक्री चाल में वापस मीन राशि में भी आएगा। इसलिए 2027 में शनि का यह गोचर एक सीधी और लगातार चलने वाली स्थिति नहीं होगी। शनि की चाल में बदलाव का असर वृषभ राशि वालों के लिए खास तौर पर देखने लायक रहेगा।

फिलहाल वृषभ राशि वालों को घबराने की जरूरत नहीं है। साढ़ेसाती को केवल नुकसान का समय मानना ठीक नहीं। शनि को कर्म और अनुशासन का ग्रह माना जाता है। मेहनत, धैर्य और सही फैसलों के साथ यह समय आगे की मजबूत नींव तैयार करने वाला भी साबित हो सकता है।

23 फरवरी 2028 से फिर वृषभ पर शुरू होगी शनि की साढ़ेसाती

3 जून 2027 को मेष में प्रवेश के बाद 20 अक्टूबर 2027 को शनि वक्री होकर मीन राशि में लौटेंगे, फिर 23 फरवरी 2028 को दोबारा मेष में प्रवेश करेंगे। मेष में प्रवेश करते ही एकबार फिर वृषभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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