शनि की टेढ़ी चाल से इन 3 राशियों की बढ़ी परेशानी! साढ़ेसाती का दौर जारी, जानें कब मिलेगी राहत

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Sade Sati 2026: शनि साढ़ेसाती 2026 के दौरान कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर शनि का खास प्रभाव माना जा रहा है। शनि 11 दिसंबर 2026 तक वक्री रहेंगे, इस दौरान पुराने काम, जिम्मेदारियां और फैसले दोबारा सामने आ सकते हैं। 

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Shani Sade Sati 2026: ज्योतिष में शनि देव को न्याय और कर्म का कारक माना जाता है। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देने वाले ग्रह माने जाते हैं। इस समय शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और उनकी चाल वक्री है। शनि की इस उल्टी चाल का असर सभी राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। खास बात यह है कि शनि के मीन राशि में रहने से कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं। ऐसे में शनि की वक्री चाल इन तीनों राशियों के लिए ज्योतिष की नजर से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जाता है कि इस दौरान पुराने अटके काम फिर सामने आ सकते हैं और नौकरी, कारोबार, धन तथा पारिवारिक मामलों में धैर्य की परीक्षा हो सकती है।

शनि कब तक रहेंगे वक्री?

शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री हुए थे। अब शनि की यह वक्री चाल 11 दिसंबर 2026 तक रहेगी। इसके बाद शनि फिर से मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार वक्री अवस्था में शनि का प्रभाव व्यक्ति को अपने पुराने फैसलों, अधूरे कामों और जिम्मेदारियों पर दोबारा ध्यान देने के लिए प्रेरित कर सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। इस समय कामकाज से जुड़ी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। जिन मामलों में लंबे समय से मेहनत की जा रही है, उनमें परिणाम मिलने में समय लग सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी जल्दबाजी से बचना बेहतर माना जाता है। हालांकि अंतिम चरण को राहत की ओर बढ़ने का संकेत भी माना जाता है।

मीन राशि

मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है, जिसे साढ़ेसाती का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दौरान नौकरी और कारोबार में जिम्मेदारियां बढ़ने की स्थिति बन सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। किसी बड़े फैसले में जल्दबाजी करने के बजाय पूरी स्थिति समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। इस दौरान काम की दिशा में बदलाव, नई जिम्मेदारी या आर्थिक मामलों को लेकर चिंता जैसी स्थिति महसूस हो सकती है। बेवजह का तनाव लेने के बजाय काम पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। पैसों के मामले में भी सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत होगी।

कब मिलेगी साढ़ेसाती से राहत?

शनि के मीन राशि में रहने तक इन तीन राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव माना जाएगा। हालांकि तीनों राशियों के लिए इसका चरण अलग है। कुंभ राशि साढ़ेसाती के अंतिम चरण में, मीन राशि दूसरे चरण में और मेष राशि पहले चरण में है। इसलिए तीनों पर शनि का असर एक जैसा नहीं माना जाता।

शनि की कृपा के लिए क्या करें?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना, श्रमिक वर्ग का सम्मान करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है। कई लोग शनिवार को शनि मंदिर में पूजा करते हैं और सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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