25 दिन बाद से कुंभ राशि वाले रहें सावधान, 138 दिन वक्री शनि की रहेगी तिरछी नजर, करें उपाय
Shani Rashifal Kumbh Horoscope Saturn Transit 2026 : जल्द ही शनि चाल बदलकर वक्री होने वाले हैं। वक्री का अर्थ है उलटी चाल में गोचर करना। पंडित जी से जानें, शनि का वक्री चाल में गोचर करना कुंभ राशि पर क्या प्रभाव डालने वाला है-

Shani Rashifal Kumbh Horoscope, शनि राशिफल कुंभ राशि के लिए : शनि देव न्याय प्रिय देवता के रूप में जाने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनि के गोचर का विशेष महत्व माना जाता है। शनि की चाल में बदलाव होने पर पॉजिटिव और नेगेटिव इफेक्ट देखने को मिलते हैं, इस समय गुरु की मीन राशि में शनि गोचर कर रहे हैं। शनि का गोचर इस समय सीधी चाल में हो रहा है। जल्द ही शनि चाल बदलकर वक्री होने वाले हैं। वक्री का अर्थ है उलटी चाल में गोचर करना। इस समय कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, जिसके स्वामी स्वयं शनि हैं। कुंभ राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। शनि का वक्री चाल में गोचर करना कुंभ राशि को प्रभावित करेगा। ऐसे में आइए पंडित जी से जानते हैं शनि का वक्री चाल में गोचर करना कुंभ राशि पर क्या प्रभाव डालने वाला है और शनि के वक्री होने के दौरान कुंभ राशि के जातकों को क्या करना चाहिए-
कब से कब तक शनि वक्री चाल में गोचर करने वाले हैं?
हिंदू पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई 2026 की रात 01 बजकर 25 मिनट से शनि वक्री चाल में गोचर करना शुरू करेंगे। 11 दिसंबर की सुबह में 4 बजकर 59 मिनट तक शनि वक्री अवस्था में ही विराजमान रहने वाले हैं। लगभग 138 दिन तक शनि वक्री चाल में ही गोचर करेंगे। इसके बाद शनि मार्गी हो जाएंगे।
25 दिन बाद से कुंभ राशि वाले रहें सावधान, 138 दिन वक्री शनि की रहेगी तिरछी नजर, करें उपाय
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, "शनि के वक्री होने के कारण कुंभ राशि के लिए मध्य साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी क्योंकि अगर पीछे का रिजल्ट देगा तो शारीरिक परेशानी इनकी बढ़ जाएगी और दांपत्य जीवन भी प्रभावित होने के संकेत होंगे। तो इस तरीके की स्थिति बनेगी। थोड़ा सा बचकर रहना पड़ेगा यानि सावधानी बरतनी होगी खासकर शारीरिक रूप से। किसी भी तरीके से कलह से दूर रहना होगा नहीं तो वैवाहिक जीवन प्रभावित होगा।"
शनि के वक्री होने के दौरान कुंभ राशि वालों को क्या उपाय करना चाहिए?
- उड़द की दाल का दान करें।
- लोहे से निर्मित वस्तु का दान करें।
- सरसों के तेल का दान करें।
- काले वस्त्र का दान करें।
- शनि के बीज मंत्र ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सःशनैश्चराय नमः’ का जाप करें।
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब तक रहेगी?
कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव 3 जून 2027 तक रहने वाला है। इसके बाद शनि राशि परिवर्तन करेंगे और कुंभ राशि वाले साढ़ेसाती के प्रभाव से बाहर आ जाएंगे।
डिस्क्लेमर: विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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