शनि प्रदोष व्रत मेष, कुंभ, मीन, सिंह और धनु राशि के लिए क्यों है खास? इन 5 उपायों से प्रसन्न होंगे शनिदेव

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Shani pradosh vrat upay in hindi: शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ शनिदेव की पूजा-अर्चना अत्यंत शुभ और लाभकारी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन कुछ उपायों को करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों को राहत मिलती है।

Shani pradosh vrat upay for sade sati and dhaiya in hindi

Shani Pradosh Vrat upay for sade sati and dhaiya: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। यह व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत में भगवान शिव का पूजन प्रदोष काल में करना उत्तम होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भगवान शिव की कृपा से जातक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। जब प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ता है, तब शनि प्रदोष व्रत का संयोग बनता है। शनि प्रदोष व्रत शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनिदेव भगवान शिव के परम भक्त और शिष्य हैं। कहा जाता है कि शनिदेव महादेव के भक्तों को कम परेशान करते हैं। ज्योतिष के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने और कुछ उपायों को करने से शनि के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है। जानें शनि प्रदोष व्रत किन राशियों के लिए खास होता है और शनि के अशुभ प्रभावों से बचाव के लिए क्या उपाय करने चाहिए।

शनि प्रदोष व्रत किन पांच राशियों के लिए है खास:

इस समय न्याय देवता और कर्म फलदाता शनि मीन राशि के गोचर में हैं। शनि के मीन राशि में होने से मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है, जबकि सिंह और धनु राशि पर शनि ढैय्या चल रही है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान व्यक्ति को आर्थिक, मानसिक, शारीरिक और व्यावसायिक तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। कार्यों में बाधाएं आती हैं और मेहनत के अनुरूप फल प्राप्त नहीं होता है। मान्यता है कि शनि प्रदोष व्रत के दिन साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियां कुछ उपाय करती हैं, तो उन्हें शनि के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।

शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के लिए प्रदोष व्रत के दिन करें ये उपाय-

1. शनि प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव का जल में काले तिल मिलाकर जलाभिषेक करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव के साथ शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

2. पूजा के समय भगवान शिव को बेलपत्र, शमी के पत्ते और चंदन अर्पित करने से शनि के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।

3. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित लोगों को 'दशरथकृत शनि स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

4. शनि प्रदोष के दिन हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। मान्यता है कि इससे शनि के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।

5. शनि मंदिर में या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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