20 अगस्त को शनि के रेवती नक्षत्र में पद परिवर्तन, साढ़ेसाती वाली 3 राशियों पर क्या होगा असर?

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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20 अगस्त 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे और 9 अक्टूबर तक इसी चरण में रहेंगे। शनि के इस बदलाव का असर साढ़ेसाती से गुजर रही मेष, कुंभ और मीन राशि पर पड़ेगा। मेष और कुंभ राशि वालों को करियर, कारोबार और अटके कामों में राहत मिल सकती है।

Shani Ki Sade Sati 2026
Shani Ki Sade Sati 2026

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि की साढ़ेसाती का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में परेशानी, रुकावट और नुकसान का ख्याल आने लगता है। लेकिन ज्योतिष में शनि को सिर्फ कठिनाइयां देने वाला ग्रह नहीं माना गया है। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं और कई बार मुश्किल दौर के बीच भी तरक्की का रास्ता खोलते हैं। अब अगस्त में शनि के नक्षत्र के एक महत्वपूर्ण बदलाव का असर देखने को मिलेगा। 20 अगस्त 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे। शनि इस चरण में 9 अक्टूबर तक रहेंगे।

इस परिवर्तन को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इस समय मीन, कुंभ और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। ऐसे में इन तीनों राशियों के जातकों की नजर शनि के इस बदलाव पर रहेगी। हालांकि साढ़ेसाती का मतलब हर समय परेशानी रहना नहीं होता। शनि की स्थिति बदलने के साथ परिस्थितियों में सुधार भी देखने को मिल सकता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार शनि के रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में जाने का प्रभाव साढ़ेसाती वाली राशियों के लिए पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहेगा। मेष और कुंभ राशि वालों को राहत और सकारात्मक बदलाव मिल सकते हैं, जबकि मीन राशि वालों को इस दौरान थोड़ा संभलकर चलना होगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए शनि का यह बदलाव थोड़ा सावधानी बरतने वाला रहेगा। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और किसी काम को पूरा करने में अपेक्षा से ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना बेहतर होगा।

आर्थिक मामलों में भी इस समय सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी। गैरजरूरी खर्च बढ़ सकते हैं। किसी को पैसा उधार देने या बिना जानकारी के निवेश करने से बचना चाहिए।

नौकरी में काम का दबाव महसूस हो सकता है। अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ बातचीत करते समय संयम रखना जरूरी होगा। हालांकि मेहनत जारी रखने पर स्थिति संभल सकती है। परिवार के मामलों में भी छोटी बात को बड़ा बनाने से बचें।

स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें। आराम और दिनचर्या पर ध्यान देना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। कुल मिलाकर मीन राशि वालों को इस चरण में धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन राहत देने वाला साबित हो सकता है। साढ़ेसाती के बीच लंबे समय से चल रही किसी परेशानी में धीरे-धीरे सुधार आने के संकेत हैं।

नौकरी करने वाले जातकों को काम में स्थिरता मिल सकती है। जो लोग लगातार मेहनत कर रहे हैं, उन्हें उसका परिणाम मिलना शुरू हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारी बढ़ सकती है, लेकिन इसका फायदा आगे चलकर करियर में मिल सकता है।

कारोबार करने वालों के लिए भी समय ठीक रह सकता है। पुराने संपर्कों से लाभ मिल सकता है और अटके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार आने के संकेत हैं।

कुंभ राशि वालों को इस दौरान अपने काम पर फोकस बनाए रखना चाहिए। शनि मेहनत और अनुशासन पसंद करते हैं। इसलिए जितना व्यवस्थित होकर काम करेंगे, उतना ही फायदा मिलने की संभावना रहेगी।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए भी साढ़ेसाती के बीच शनि का यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है। पिछले कुछ समय से जिन कामों में बार-बार रुकावट आ रही थी, उनमें अब धीरे-धीरे आगे बढ़ने का रास्ता बन सकता है।

करियर के लिहाज से समय बेहतर हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कुछ लोगों को काम से जुड़ा ऐसा मौका मिल सकता है, जिसका फायदा आने वाले समय में मिलेगा। कारोबारियों को भी पुराने काम से लाभ मिलने की संभावना है।

आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। हालांकि पैसा आते ही खर्च करने के बजाय बचत पर ध्यान देना ज्यादा अच्छा रहेगा। परिवार के किसी बड़े व्यक्ति की सलाह आपके काम आ सकती है।

मेष राशि वालों को इस समय गुस्से और जल्दबाजी से बचना चाहिए। शनि का प्रभाव व्यक्ति को धैर्य की सीख देता है। इसलिए शांत रहकर लिए गए फैसले ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

साढ़ेसाती वाली राशियों के लिए क्या बदलेगा?

शनि के रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश के बाद साढ़ेसाती से गुजर रहे जातकों के जीवन में परिस्थितियां एक जैसी नहीं रहेंगी। किसी के लिए यह समय जिम्मेदारियां बढ़ाने वाला होगा तो किसी के लिए पुराने अटके कामों को आगे बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार मेष और कुंभ राशि वालों को इस बदलाव से राहत और अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। वहीं मीन राशि वालों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी होगी। साढ़ेसाती के दौरान धैर्य रखना, मेहनत करते रहना और गलत फैसलों से बचना सबसे जरूरी रहेगा।

शनि का यह बदलाव यह भी संकेत देता है कि हर कठिन परिस्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती। समय के साथ हालात बदलते हैं और सही दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम भी मिलता है।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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