शनि 2 जुलाई को रेवती नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, साढ़ेसाती-ढैय्या वालों को मिल सकती है राहत
1 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस बदलाव के बाद शनि की कठोरता कुछ कम महसूस हो सकती है। साढ़ेसाती और ढैय्या से गुजर रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना है, जबकि कुछ राशियों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर बन सकते हैं।

Shani Nakshatra Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता ग्रह कहा जाता है। शनि जब राशि या नक्षत्र बदलते हैं तो उसका असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलता है। 1 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस नक्षत्र परिवर्तन के बाद शनि के स्वभाव में कुछ नरमी आ सकती है। ऐसे में जिन लोगों पर शनि का कठिन प्रभाव चल रहा है, उन्हें पहले के मुकाबले कुछ राहत मिलने की संभावना है। वहीं जिन लोगों को पहले से शनि का शुभ साथ मिल रहा है, उनके लिए यह समय और बेहतर परिणाम देने वाला साबित हो सकता है।
पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि रेवती नक्षत्र को सौम्य और शुभ नक्षत्र माना जाता है। शनि यहां भी कर्मों के अनुसार ही फल देंगे, लेकिन उनकी कठोरता पहले के मुकाबले कुछ कम महसूस हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर दिखाई दे सकता है, जो लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं लेकिन उन्हें उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिल रहे थे।
उनके मुताबिक, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से गुजर रहे लोगों को भी इस दौरान कुछ राहत महसूस हो सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सारी परेशानियां एकदम खत्म हो जाएंगी। शनि हमेशा कर्म के आधार पर ही फल देते हैं। इसलिए मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी बनाए रखना जरूरी है।
इन राशियों पर रह सकती है शनि की खास कृपा
मेष: साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। कामकाज में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। मानसिक तनाव कम होने के संकेत हैं।
कर्क: करियर और आर्थिक मामलों में अच्छे मौके मिल सकते हैं। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं।
वृश्चिक: नौकरी और कारोबार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है।
अन्य राशियों पर कैसा रहेगा असर?
वृषभ: आर्थिक मामलों में समझदारी से फैसले लें। परिवार का सहयोग मिलेगा।
मिथुन: नौकरी और कारोबार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धैर्य बनाए रखें।
सिंह: ढैय्या के कारण चल रहा मानसिक दबाव कुछ कम हो सकता है। करियर में धीरे-धीरे सुधार होगा।
कन्या: भाग्य का साथ पहले से बेहतर मिल सकता है, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।
तुला: कार्यक्षेत्र में मेहनत का लाभ मिल सकता है। विरोधियों पर बढ़त बनाने में सफलता मिलेगी।
धनु: ढैय्या के प्रभाव में कुछ राहत मिल सकती है। परिवार और कामकाज में संतुलन रहेगा।
मकर: नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं।
कुंभ: साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आ सकता है और पुराने अटके काम बनने लगेंगे।
मीन: साढ़ेसाती के दूसरे चरण में जिम्मेदारियां बनी रहेंगी, लेकिन मानसिक दबाव पहले के मुकाबले कुछ कम महसूस हो सकता है।
किन राशियों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती?
- मेष- पहला चरण
- मीन- दूसरा चरण
- कुंभ- अंतिम चरण
किन राशियों पर चल रही है शनि की ढैय्या?
- सिंह
- धनु
क्या कहते हैं पंडित नरेंद्र उपाध्याय?
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि रेवती नक्षत्र में प्रवेश के बाद शनि के स्वभाव में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है। जो लोग शनि के कारण परेशानियां झेल रहे हैं, उन्हें थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं जिन लोगों पर शनि पहले से शुभ फल दे रहे हैं, उन्हें और बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
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एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य
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व्यक्तिगत रुचियां
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