15 दिन बाद शनि खड़ी करेंगे मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के लिए मुश्किलें, करें ये उपाय
20 अगस्त को शनि नक्षत्र बदलेंगे। इस दौरान मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। जानें इस दौरान इन तीनों राशियों को किन उपायों से राहत मिलेगी?

20 अगस्त को शनि रेवती नक्षत्र में जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है। वहीं बात की जाए रेवती नक्षत्र की तो इसका संबंध बुध ग्रह से है। अगस्त के सेकंड हाफ में होने जा रहे इस परिवर्तन का असर लगभग हर राशि पर पड़ने वाला है। हालांकि कुछ 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें 20 तारीख से सतर्क रहने की बहुत जरूरत है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार शनि का ये नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। पंडित जी के अनुसार मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को 20 अगस्त से लेकर 9 अक्टूबर तक कई मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना है।
मेष, कर्क और वृश्चिक राशि पर पड़ेगा ऐसा असर-
मेष राशि
20 अगस्त से मेष राशि वालों को किसी भी चीज को लेकर जल्दबाजी नहीं करनी है। अगर आप नई नौकरी की तलाश में हैं या फिर अपने बिजनेस या फिर इन्वेस्टमेंट से जुड़ा कोई फैसला लेने की सोच रहे हैं तो पहले पूरी जानकारी जरूर लें। बिना किसी प्लानिंग के उठाया गया कदम आपको नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ लोगों के लिए प्रोफेशनल लाइफ में जिम्मेदारियां बढ़ती दिखेंगी। ऐसी स्थिति में जल्दी रिएक्शन देने से बचना होगा। वहीं गुस्से पर भी काफी हद तक कंट्रोल करने की जरूरत है। छोटी सी बात के चलते भी विवाद की स्थिति बन सकती है।
कर्क राशि
इस राशि के जातकों के लिए 20 अगस्त से 9 अक्टूबर वाला समय मानसिक रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ज्यादा ओवरथिकिंग करने से बचें। अगर कोई नया काम करने की सोच रहे हैं तो पहले पूरी प्लानिंग कर लें तभी आगे बढ़ने के बारे में सोचें। अगर रिश्तों में अनबन जैसी स्थिति है तो अभी के लिए धैर्य बनाकर रखें। अगर आप हड़बड़ी में कोई भी फैसला लेंगे तो ये आपके रिश्ते को और भी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। अगर कहीं ट्रैवलिंग का प्लान है तो किसी पर इस दौरान आंख बंद करके भरोसा ना करें। इस टाइम पीरियड में अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें।
वृश्चिक राशि
इस राशि के जातकों को शनि के नक्षत्र परिवर्तन के बाद पैसों से संबंधित मामले में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। अपने बचत और खर्चे के बीच बैलेंस बनाकर चलने की जरूरत है। पैसों से जुड़े मामलों में जल्दबाजी ना करें। मेहनत का फल मिलने में थोड़ा वक्त भले लगे लेकिन आप धैर्य का दामन ना छोड़ें। किसी से फालतू में बहसबाजी ना करें। अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत आ रही है बार बार तो इसे अब इग्नोर ना करें। डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
शनि गोचर के वक्त करें ये उपाय
1. हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दें।
2. अपनी क्षमता के हिसाब से जरूरतमंद लोगों की सेवा जरूर करें। जरूरत की चीजें दान करें।
3. काला तिल दान करें। आप चाहें तो उड़द की दाल भी दान कर सकते हैं।
4. ईमानदारी के साथ अपना काम करें।
5. किसी के भी साथ गलत व्यवहार ना करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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हस्तरेखा शास्त्र


