अगले 86 दिन तक इन 3 राशियों पर शनि की टेढ़ी नजर, साढ़ेसाती से कब मिलेगी राहत?

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Shani Sade Sati on Mesh, Kumbh and Meen: शनि इस वक्त 11 दिसंबर तक मीन राशि में वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं। जानिए शनि की साढ़े साती किन राशियों पर है और इन्हें कब राहत मिलने के चांस हैं? 

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मेष, कुंभ और मीन को शनि की साढ़ेसाती से कब मिलेगी राहत?

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि की चाल सबसे पावरफुल मानी जाती है। शनि को कर्म और न्याय का देवता कहा जाता है। ऐसे में माना जाता है कि शनि हमेशा लोगों को कर्म और मेहनत के हिसाब से फल देते हैं। अच्छे कर्म किए हैं तो अच्छा फल और कुछ बुरा किया है तो उसी हिसाब से फल मिलेगा। बीते 27 जुलाई से शनि मीन राशि में हैं और तभी से उनकी चाल उलटी है। शनि की इस अवस्था को वक्री कहा जाता है। यानी शनि इस वक्त टेढ़ी चाल में हैं और इस दौरान कुछ राशियों को लाभ मिल रहा है तो वहीं कुछ को नुकसान हो रहा है। शनि की चाल का असर हर एक राशि पर पड़ता है।

इस वक्त मेष, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शनि की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण है। शास्त्र के अनुसार इन तीनों राशियों पर अभी शनि की साढ़ेसाती है। तीनों राशियों पर 11 दिसंबर तक शनि की चाल का अलग-अलग असर होगा। 11 दिसंबर तक ही शनि वक्री अवस्था में हैं और इसी के बाद से वो मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि जब भी शनि वक्री चाल चलते हैं तो लोगों के अधूरे काम या कोई भी पुरानी चीज दोबारा वापस लौटती है। इस दौरान जल्दबाजी में फैसला लेने की बजाय धैर्य रखना चाहिए।

मेष, कुंभ और मीन पर साढ़े साती का क्या है असर?

साढ़ेसाती के पहले चरण में है मेष राशि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण ही है। इस राशि के जातकों को महसूस हो सकता है कि नई जिम्मेदारियों से सब उलझ सा गया है। काम के पैटर्न में बदलाव नजर आ सकता है जिससे थोड़ी टेंशन वाली स्थिति बनी हुई है। फिलहाल के लिए टेंशन लेने से कुछ नहीं होगा। धैर्य से अपना काम करते रहें। पैसों के मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी ना दिखाएं।

आखिरी चरण में है कुंभ राशि की साढ़ेसाती

इस वक्त कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती चल रही है। हालांकि ये आखिरी चरण में है। इस समय हो सकता है कि जिम्मेदारियां बढ़ी हुई लगे। भले ही लगातार मेहनत की जा रही हो लेकिन सही रिजल्ट पाने में थोड़ा समय लग सकता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि अभी पैसे के मामले में जरा भी जल्दबाजी नहीं करनी है। कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण ही है तो राहत भी जल्दी ही मिलने वाली है तब तक के लिए थोड़ा धैर्य रखना होगा।

साढ़ेसाती के महत्वपूर्ण चरण में है मीन राशि

इस समय मीन राशि वालों पर भी साढ़ेसाती है। इस राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा यानी सबसे महत्वपूर्ण चरण चल रहा है। मीन राशि वालों को इस दौरान महसूस हो सकता है कि नौकरी या फिर बिजनेस के मामले में काम बढ़ रहा है। बस अपने खर्चों का सही बैलेंस बनाकर रखें। अगर कोई जरूरी फैसला लेना है तो पहले पूरा रोडमैप बना लें कि इसके अच्छे और बुरे पहलु क्या हो सकते हैं। सब कुछ समझने के बाद ही अंतिम फैसला लें।

साढ़ेपाती में राहत पाने के लिए करें ये उपाय

1. हर शनिवार शनिदेव की पूजा करें। उन्हें सरसों का तेल और काला तिल अर्पित करें।

2. शनिवार के दिन ही जरूरतमंद लोगों की सेवा करें। अपनी क्षमता के हिसाब से दान करें।

3. पीपल के पेड़ के नीचे हर शनिवार को सरसों का दीया जरूर जलाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

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