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Shani Ki Sade Sati Dhaiya: किस राशि पर कब लगेगी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या? यहां देखें पूरी लिस्ट

Shani Ki Sade Sati Dhaiya: किस राशि पर कब लगेगी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या? यहां देखें पूरी लिस्ट

संक्षेप:

शनि का राशि परिवर्तन ज्योतिष में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी के साथ किसी राशि पर साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है तो किसी राशि से इसका प्रभाव समाप्त हो जाता है। हर व्यक्ति पर जीवन में एक न एक बार शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव अवश्य पड़ता है।

Jan 09, 2026 09:48 am ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Ki Sade Sati and Dhaiya : ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को खास स्थान प्राप्त है। शनि को कर्मफल दाता माना जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि का राशि परिवर्तन ज्योतिष में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी के साथ किसी राशि पर साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है तो किसी राशि से इसका प्रभाव समाप्त हो जाता है। शनि करीब ढाई साल में एक बार राशि परिवर्तन करते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, हर व्यक्ति पर जीवन में एक न एक बार शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव अवश्य पड़ता है। आइए जानते हैं किस राशि पर कब लगेगी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या-

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मेष राशि

साढ़ेसाती:

29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक

ढैय्या:

13 जुलाई 2034 से 27 अगस्त 2036 तक

12 दिसंबर 2043 से 8 दिसंबर 2046 तक

वृषभ राशि

साढ़ेसाती:

3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक

ढैय्या:

27 अगस्त 2036 से 22 अक्टूबर 2038 तक

मिथुन राशि

साढ़ेसाती:

8 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक

ढैय्या:

24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक

22 अक्टूबर 2038 से 29 जनवरी 2041 तक

कर्क राशि

साढ़ेसाती:

31 मई 2032 से 22 अक्टूबर 2038 तक

ढैय्या:

29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक

29 जनवरी 2041 से 12 दिसंबर 2043 तक

सिंह राशि

साढ़ेसाती:

13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक

ढैय्या:

29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक

12 दिसंबर 2043 से 8 दिसंबर 2046 तक

कन्या राशि

साढ़ेसाती:

27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक

ढैय्या:

3 जून 2027 से 8 अगस्त 2029 तक

तुला राशि

साढ़ेसाती:

22 अक्टूबर 2038 से 8 दिसंबर 2046 तक

ढैय्या:

24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक

8 अगस्त 2029 से 31 मई 2033 तक

वृश्चिक राशि

साढ़ेसाती:

28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक

ढैय्या:

29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक

31 मई 2032 से 13 जुलाई 2034 तक

धनु राशि

साढ़ेसाती:

12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक

ढैय्या:

29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक

13 जुलाई 2034 से 27 अगस्त 2036 तक

मकर राशि

साढ़ेसाती:

26 जनवरी 2017 से 29 मार्च 2025 तक

ढैय्या:

3 जून 2027 से 8 अगस्त 2029 तक

27 अगस्त 2036 से 22 अक्टूबर 2038 तक

कुंभ राशि

साढ़ेसाती:

24 जनवरी 2020 से 3 जून 2027 तक

ढैय्या:

8 अगस्त 2029 से 31 मई 2032 तक

22 अक्टूबर 2038 से 29 जनवरी 2041 तक

मीन राशि

साढ़ेसाती:

29 अप्रैल 2022 से 8 अगस्त 2029 तक

ढैय्या:

31 मई 2032 से 13 जुलाई 2034 तक

29 जनवरी 2041 से 12 दिसंबर 2043 तक

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

संक्षिप्त विवरण


योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि

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