Shani: मेष राशि में शनि गोचर कब? ढाई साल ये 3 राशियां होंगी सबसे ज्यादा प्रभावित
Shani Gochar 2027: शनि इस साल देवगुरु बृहस्पति की मीन राशि में विराजमान रहेंगे और अगले साल यानी 2027 में मेष राशि में आएंगे। मेष राशि में आने से 3 राशियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। जानें शनि मेष गोचर से किन राशियों पर पड़ेगा अशुभ प्रभाव।

Shani ka mesh rashi me gochar kab hoga: न्याय देवता शनि इस समय मीन राशि के गोचर में हैं। शनि करीब ढाई साल में अपनी राशि बदलते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शनि का किसी भी तरह का राशि परिवर्तन नहीं होगा। हालांकि इस समय नक्षत्र परिवर्तन और नक्षत्र पद गोचर होंगे। शनि अगले साल यानी 2027 में शनि राशि परिवर्तन करते हुए मेष राशि में आएंगे। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि शनि करीब 30 साल बाद मेष राशि में गोचर करेंगे। मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। मंगल और शनि के बीच शत्रुता का भाव है। मंगल की राशि में शनि के आते ही सबसे ज्यादा तीन राशियां प्रभावित होंगी। इन राशियों को शनि गोचर की अवधि में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। जानें शनि का मेष गोचर कब और कौन-सी राशियां होंगी प्रभावित।
शनि का मेष राशि में गोचर कब होगा:
शनि का मेष राशि में पहली बार गोचर 03 जून 2027 को होगा। इसके बाद शनि वक्री अवस्था में आकर वापस मीन राशि में लौटेंगे। 23 फरवरी 2028 को शनि स्थायी रूप से मेष राशि में गोचर करेंगे।
शनि के मेष गोचर से 3 राशियां होंगी सबसे ज्यादा प्रभावित:
वृषभ राशि- बाहरी संबंध होंगे खराब
पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। इस तरह से इस राशि के जातकों की नई-नई परेशानियां प्रारंभ होंगी। इस समय आपको आर्थिक, मानसिक और शारीरिक तौर पर सतर्क रहने की आवश्यकता हो सकती है। वृषभ राशि वालों के शनि के प्रभाव से बाहरी संबंध खराब होंगे। सिरदर्द या नेत्रपीड़ा हो सकती है। या सिर से जुड़ी कोई पुरानी परेशानी आपको कष्ट पहुंचा सकती है। पार्टनरशिप में दिक्कतें आ सकती हैं। अनाप-शनाप खर्च हो सकते हैं। अगर आपने किसी से कर्ज लिया है तो यह बढ़ सकता है। परिवार से जुड़ी दिक्कतें रह सकती हैं।
मीन- आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है
शनि के मेष राशि में गोचर करने से मीन राशि वालों की आर्थिक स्थिति सबसे अधिक प्रभावित होगी। आर्थिक बजट हिल सकता है। कुटुंब में झगड़े हो सकते हैं। परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल की कमी का अनुभव हो सकता है। व्यवसाय में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। मानसिक स्थिति प्रभावित होगी। इस समय आय से अधिक खर्च होने से मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी आएगी। मेहनत के अनुरूप परिणाम नहीं मिलने से मन परेशान रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां रह सकती हैं।
मेष राशि- सेहत से जुड़ी परेशानी बढ़ेगी
शनि का गोचर मेष राशि में ही हो रहा है। शनि के प्रभाव के कारण मेष राशि वालों की शारीरिक परेशानी बढ़ेंगी। इस समय आपको सबसे ज्यादा हर्ट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। धन से जुड़ी दिक्कतें रहेंगी। धन का आगमन कम हो सकता है और खर्च की अधिकता हो सकती है। परिवार में कलह के संकेत हैं। व्यापार में मुनाफे के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। वाद-विवाद का शिकार हो सकते हैं। इस समय आपको अपने गुस्से पर कंट्रोल रखना चाहिए।
शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के उपाय-
पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि शनि कृपा पाने के लिए जातक को प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर जाकर दर्शन करने चाहिए। शनिवार के दिन व्रत करना भी लाभकारी होता है। शनिवार को पीपल के पेड़ के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। शनि कृपा पाने के लिए हर शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। शिव आराधना भी लाभकारी मानी गई है।


