शनि जयंती 2026: मेष, मीन समेत 5 राशियों पर शनि की टेढ़ी नजर, करें ये आसान उपाय

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शनि जयंती 2026 इस बार कई राशियों के लिए अहम मानी जा रही है। इस समय शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि की यह स्थिति कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का असर बना रही है। फिलहाल कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है।

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शनि जयंती 2026 इस बार कई राशियों के लिए अहम मानी जा रही है। इस समय शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि की यह स्थिति कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का असर बना रही है। फिलहाल कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, जबकि सिंह और धनु राशि के लोग शनि ढैय्या से प्रभावित हैं। यह स्थिति अगले साल 2027 तक रहने वाली है। ऐसे में इन राशियों के लोगों को आने वाले समय में थोड़ा धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।

ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। कहा जाता है कि शनि इंसान को उसकी मेहनत और कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। इसलिए इस दौरान जल्दबाजी या गलत फैसलों से बचना जरूरी माना जाता है। कई ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि सही व्यवहार, अनुशासन और कुछ आसान उपायों से शनि के कठिन प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा तनाव वाला रह सकता है। कामकाज में विरोधियों से सतर्क रहने की जरूरत होगी। ऑफिस या कारोबार में कुछ लोग आपके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे समय में गुस्से से ज्यादा धैर्य काम आएगा। सेहत भी थोड़ी कमजोर रह सकती है। मानसिक दबाव और थकान महसूस हो सकती है।

उपाय- शनिवार के दिन जरूरतमंद लोगों को काले तिल या काले कपड़े दान करना शुभ माना गया है। पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना भी लाभकारी माना जाता है।

धनु राशि

धनु राशि वालों पर शनि ढैय्या का असर पारिवारिक मामलों में ज्यादा दिख सकता है। घर में छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। खर्चों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इस समय पैसों को संभालकर खर्च करना जरूरी रहेगा। परिवार के बड़े लोगों की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।

उपाय- ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा और माता-पिता की सेवा इस समय शुभ फल दे सकती है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों पर शनि साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। इस दौरान अचानक खर्च सामने आ सकते हैं। रिश्तों में दूरी या मनमुटाव बढ़ सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। इसलिए सोच-समझकर फैसले लेना जरूरी रहेगा।

उपाय- शनिवार के दिन शनि मंदिर में दीपक जलाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करने की सलाह दी जाती है।

मीन राशि

मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। इस दौरान मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है लेकिन उसका फल देर से मिलेगा। परिवार और रिश्तों में भी धैर्य बनाए रखना जरूरी रहेगा। छोटी बातों पर बहस से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

उपाय- शनिवार को छाया दान करना और काले कुत्ते को रोटी खिलाना लाभकारी माना गया है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हुआ है। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और कामकाज में दबाव महसूस हो सकता है। मेहनत के बावजूद परिणाम मिलने में समय लग सकता है। ऐसे समय में आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी होगा।

उपाय- ज्योतिष में मंगलवार और शनिवार को बजरंग बाण का पाठ और जरूरतमंद लोगों को दान करना शुभ माना गया है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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