शाम में शनि जयंती पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक, दिया जलाते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
Shani Jayanti Upay 2026, Shani Jayanti Ke Upay: इस साल 16 मई को को शनि जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन कुछ जगहों पर शाम के समय में दीपक जलाने से पितृ दोष का प्रभाव कम होता है और सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।

Shani Jayanti Upay 2026, शनि जयंती: शनि जयंती और अमावस्या के आज खास महासंयोग पर शाम का समय बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद अमावस्या के दिन किया गया दीपदान पितृ शांति और शनि के अशुभ प्रभाव को कम करता है। अगर आप आज शाम को इन 4 विशेष जगहों पर दीपक जलाते हैं, तो घर से दरिद्रता, गृहक्लेश और शनि दोष हमेशा के लिए दूर हो सकते हैं। साथ ही, दीपक जलाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बिल्कुल न भूलें।
शाम में शनि जयंती पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक, दिया जलाते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
पीपल के पेड़ के नीचे
शनि जयंती की शाम को किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। शास्त्रों के अनुसार, पीपल में त्रिदोष (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के साथ-साथ शनि देव का भी वास होता है। यहां दीपक जलाने से जीवन के बड़े से बड़े संकट टल सकते हैं।
घर का मुख्य द्वार
शाम के समय अपने घर के मुख्य दरवाजे के बाहर, चौखट के दाईं ओर (जब आप घर से बाहर निकल रहे हों) एक दीपक जलाएं। ध्यान रहे कि इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती और अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है।
शनि मंदिर या हनुमान मंदिर
अगर संभव हो, तो आज शाम किसी शनि मंदिर जाकर भगवान के चरणों के पास दीपदान करें। अगर आसपास शनि मंदिर न हो, तो हनुमान जी के मंदिर में जाकर चमेली के तेल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान जी के सामने दीपक जलाने से शनि देव कभी प्रताड़ित नहीं करते।
घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में
आज अमावस्या भी है। इसलिए शाम को अपने घर के पूजा स्थल या ईशान कोण में एक दीपक जरूर जलाएं। इससे पितृ देव प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि तथा धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
दीपक जलाते समय इन 3 बातों का रखें खास ध्यान
- आज के दिन केवल सरसों के तेल या तिल के तेल का ही दीपक जलाएं। बत्ती के लिए लाल कलावा (मौली) या सूती धागे की बत्ती का उपयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है।
- शनि देव को प्रसन्न करने के लिए दीपक के तेल में कुछ दाने काले तिल या एक लोहे की कील जरूर डाल दें। अगर आप पितरों के लिए मुख्य द्वार पर दीपक जला रहे हैं, तो उसमें थोड़ी सी काली उड़द की दाल डाल सकते हैं।
- कभी भी जलते हुए दीपक को सीधे ठंडी जमीन पर न रखें। दीपक रखने से पहले जमीन पर थोड़े से काले तिल, चावल या फूलों की पंखुड़ियां रख दें (जिसे आसन देना कहते हैं)। फिर उसके ऊपर दीपक स्थापित करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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