Shani Jayanti Upay 2026: रोटी-गुड़ का आसान उपाय, साथ में पढ़ें चमत्कारी मंत्र, खत्म होंगे कुंडली के ये सारे दोष

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क्या आप कुंडली के राहु-केतु दोष से छुटकारा पाना चाहते हैं? या फिर आप शनि दोष के प्रभाव को कम करना चाहते हैं? तो आप शनि जयंती के दिन एक खास उपाय करके कई दोषों से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे?

Shani Jayanti Upay 2026: रोटी-गुड़ का आसान उपाय, साथ में पढ़ें चमत्कारी मंत्र, खत्म होंगे कुंडली के ये सारे दोष

सनातन धर्म में भगवान शनिदेव को कर्मों का देवता कहा जाता है। शनिवार के दिन विशेष रूप से इनकी पूजा होती है। कहा जाता है कि जो लोग शनिवार के दिन नियमित रूप से शनिदेव की पूजा करते हैं, उनकी जिंदगी से हर तरह की बाधा खत्म हो जाती है। वहीं अगर आपको शनिदेव की पूजा का दोगुना फल चाहिए तो शनि जयंती से अच्छा दिन कोई भी नहीं है। इस साल की शनि जयंती ज्येष्ठ माह में पड़ रही है। आज के 15 दिन बाद शनि जयंती मनाई जाएगी। आज जानेंगे एक ऐसे आसान से उपाय के बारे में जो आप शनि जयंती के दिन आराम से कर सकते हैं। इस उपाय से बड़े से बड़ा दोष भी दूर हो जाता है। तो चलिए जानते हैं शनि जयंती से जुड़े कुछ दिलचस्प डिटेल्स के बारे में।

कब है शनि जयंती

हिंदू पंचांग के हिसाब से इस बार शनि जयंती 16 मई को पड़ रही है। अमावस्या की तिथि का आरंभ इसी दिन से होगा और इसका समापन अगले दिन यानी 17 मई को होगा। तिथि का समापन सुबह होगा और इसी वजह से निशित काल को ध्यान में रखते हुए शनि जयंती 16 मई को ही मनाई जाएगी।

शनि जयंती पर बन रहा खास संयोग

इस बार शनि जयंती पर किए गए उपायों का दोगुना लाभ मिल सकता है। दरअसल इस बार शनि जयंती शनिवार के दिन ही पड़ रही है। शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को ही समर्पित माना जाता है। बता दें कि हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। कहा जा रहा है ये संयोग कई साल बाद आया है। ऐसे में इस बार शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा के साथ-साथ उपाय जरूर करना चाहिए।

शनि जयंती का उपाय- साढेसाती, ढैय्या, शनि दोष से मिलेगी राहत

अगर आप शनि की साढेसाती और ढैय्या से परेशान हैं। या फिर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष या शनि के अशुभ प्रभाव है तो शनिवार के दिन इस उपाय को जरूर करना चाहिए। वहीं शनि जयंती वाले दिन इस उपाय का दोगुना लाभ मिल सकता है। इस उपाय में आपको एक रोटी और सरसों के तेल की जरूर पड़ेगी। नियम के अनुसार सरसों के तेल को रोटी पर लगा दें। फिर इसे किसी काले कुत्ते को खिला दें। इस उपाय से लाभ मिला है।

कर्ज से मुक्ति के लिए उपाय

अगर पैसों से संबंधित कोई दिक्कत है या फिर कर्जे से मुक्ति चाहिए तो भी शनि जयंती पर एक आसान सा उपाय किया जा सकता है। आपको पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाना है। इस दौरान ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप जरूर करें। आपके अटके हुए काम भी इस उपाय से सही हो जाएंगे।

शनि जयंती पर जरूर बरतें ये सावधानी

शनि जयंती के दिन इस बात का खास ध्यान रखें कि किसी भी कुत्ते को आपकी वजह से दिक्कत ना हो। भूलकर भी उसे ना तो भगाएं और ना ही मारें। इसके अलावा उसे बासी खाना देने से भी बचें। इसके अलावा आप जो भी उपाय करें उसे बस पॉजिटिव माइंडसेट के साथ करें।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

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