Shani Jayanti 2026: भगवान शनिदेव के 108 नाम मालूम है? एक-एक का जाप आज देंगे शुभ फल

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Shani Jayanti 2026: आज शनि जयंती पर शनिदेव के 108 नामों का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन नामों के जाप से मन शांत रहता है और जिदंगी की नकारात्मकता दूर होती है। इसी के साथ शनिदेव की विशेष कृपा भी मिलती है। 

Shani Jayanti 2026: भगवान शनिदेव के 108 नाम मालूम है? एक-एक का जाप आज देंगे शुभ फल

आज शनि जयंती के दिन शनिदेव के 108 नामों का जाप करना बेहद शुभ माना जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन नामों के जाप से जिंदगी चल रही बाधाएं, मानसिक तनाव और हर तरह के नकारात्मक प्रभाव कम होने लगते हैं। शनिदेव न्याय और कर्मों के देवता के रूप में देखा जाता है। ऐसे में जब-जब उन्हें सच्चे मन से याद किया जाए तो मेहनत का फल जरूर मिलता है। आज शाम शनिदेव की पूजा के समय उनके 108 नामों का जाप जरूर करें। माना जाता है कि इससे शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या की दिक्कतों में राहत मिलती है।

शनिदेव के 108 नामों के जाप से मिलेंगे ये लाभ

मान्यता है कि शनिदेव के 108 नामों का जाप करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इसी के साथ जिंदगी में अनुशासन और धैर्य बढ़ता है। शनिदेव के 108 नामों के जाप से जिंदगी की सारी बाधाएं खत्म होती हैं। जो लोग लंबे समय से अपनी नौकरी से परेशान हैं या फिर प्रोफेशनल लाइफ में अच्छी ग्रोथ चाहते हैं तो शनि जयंती के दिन इन 108 नामों के जाप जरूर करें। जिन लोगों के काम काफी समय से अटके पड़े हैं उनके लिए भी ये उपाय फलदायी होगा।

आज इस मुहूर्त में करें शनिदेव की पूजा

शनि जयंती पर अगर आप शुभ मुहूर्त में शनिदेव की पूजा करेंगे तो ज्यादा शुभ माना जाएगा। इसी मुहूर्त में आप शनिदेव के 108 नामों का जाप कर सकते हैं। द्रिक पंचांग के हिसाब से शनि जयंती की पूजा के लिए शुभ समय दोपहर 01:15 बजे से 02:40 बजे तक है। वहीं शाम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 07:05 बजे से रात 08:23 बजे तक होगा।

शनिदेव के 108 नाम यहां पढ़ें-

ऊँ शनैश्चराय नमः

ऊँ सुरवन्द्याय नमः

ऊँ सुरलोकविहारिणे नमः

ऊँ सुखासनोपविष्टाय नमः

ऊँ सुन्दराय नमः

ऊँ घनाय नमः

ऊँ घनरूपाय नमः

ऊँ शान्ताय नमः

ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः

ऊँ शरण्याय नमः

ऊँ सौम्याय नमः

ऊँ घनाभरणधारिणे नमः

ऊँ घनसारविलेपाय नमः

ऊँ खद्योताय नमः

ऊँ मन्दाय नमः

ऊँ मन्दचेष्टाय नमः

ऊँ महनीयगुणात्मने नमः

ऊँ मर्त्यपावनपदाय नमः

ऊँ महेशाय नमः

ऊँ छायापुत्राय नमः

ऊँ वरेण्याय नमः

ऊँ सर्वेशाय नमः

ऊँ शर्वाय नमः

ऊँ शततूणीरधारिणे नमः

ऊँ चरस्थिरस्वभा वाय नमः

ऊँ अचञ्चलाय नमः

ऊँ नीलवर्णाय नम:

ऊँ नित्याय नमः

ऊँ नीलाञ्जननिभाय नमः

ऊँ नीलाम्बरविभूशणाय नमः

ऊँ निश्चलाय नमः

ऊँ वेद्याय नमः

ऊँ विधिरूपाय नमः

ऊँ विरोधाधारभूमये नमः

ऊँ भेदास्पदस्वभावाय नमः

ऊँ वज्रदेहाय नमः

ऊँ वैराग्यदाय नमः

ऊँ वीराय नमः

ऊँ वीतरोगभयाय नमः

ऊँ विपत्परम्परेशाय नमः

ऊँ विश्ववन्द्याय नमः

ऊँ गृध्नवाहाय नमः

ऊँ गूढाय नमः

ऊँ कूर्माङ्गाय नमः

ऊँ कुरूपिणे नमः

ऊँ कुत्सिताय नमः

ऊँ गुणाढ्याय नमः

ऊँ गोचराय नमः

ऊँ अविद्यामूलनाशाय नमः

ऊँ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः

ऊँ आयुष्यकारणाय नमः

ऊँ आपदुद्धर्त्रे नमः

ऊँ विष्णुभक्ताय नमः

ऊँ वशिने नमः

ऊँ विविधागमवेदिने नमः

ऊँ विधिस्तुत्याय नमः

ऊँ वन्द्याय नमः

ऊँ विरूपाक्षाय नमः

ऊँ स्तुत्याय नमः

ऊँ स्तोत्रगम्याय नमः

ऊँ भक्तिवश्याय नमः

ऊँ भानवे नमः

ऊँ भानुपुत्राय नमः

ऊँ भव्याय नमः

ऊँ पावनाय नमः

ऊँ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः

ऊँ धनदाय नमः

ऊँ धनुष्मते नमः

ऊँ तनुप्रकाशदेहाय नमः

ऊँ तामसाय नमः

ऊँ अशेषजनवन्द्याय नमः

ऊँ विशेशफलदायिने नमः

ऊँ वशीकृतजनेशाय नमः

ऊँ पशूनां पतये नमः

ऊँ खेचराय नमः

ऊँ खगेशाय नमः

ऊँ घननीलाम्बराय नमः

ऊँ काठिन्यमानसाय नमः

ऊँ आर्यगणस्तुत्याय नमः

ऊँ नीलच्छत्राय नमः

ऊँ नित्याय नमः

ऊँ निर्गुणाय नमः

ऊँ गुणात्मने नमः

ऊँ निरामयाय नमः

ऊँ निन्द्याय नमः

ऊँ वन्दनीयाय नमः

ऊँ धीराय नमः

ऊँ दिव्यदेहाय नमः

ऊँ दीनार्तिहरणाय नमः

ऊँ दैन्यनाशकराय नमः

ऊँ आर्यजनगण्याय नमः

ऊँ क्रूराय नमः

ऊँ क्रूरचेष्टाय नमः

ऊँ कामक्रोधकराय नमः

ऊँ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः

ऊँ परिपोषितभक्ताय नमः

ऊँ परभीतिहराय नमः

ऊँ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः

ऊँ वरिष्ठाय नमः

ऊँ गरिष्ठाय नमः

ऊँ वज्राङ्कुशधराय नमः

ऊँ वरदाभयहस्ताय नमः

ऊँ वामनाय नमः

ऊँ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः

ऊँ श्रेष्ठाय नमः

ऊँ मितभाषिणे नमः

ऊँ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः

ऊँ पुष्टिदाय नमः

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र

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