शनि जयंती 2026: आज शाम शनिदेव के नाम का दीया जलाते हुए पढ़ें ये 1 खास मंत्र, जानें सही दिशा और शुभ मुहू्र्त

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Shani Jayanti 2026 Diya Mantra: आज शनि जयंती की शाम वाली पूजा का शुभ मुहूर्त 7:05 बजे शुरू हो जाएगा। जानें इस दौरान किस दिशा और किस मंत्र के साथ शनिदेव के नाम का दीया जलाना है? 

शनि जयंती 2026: आज शाम शनिदेव के नाम का दीया जलाते हुए पढ़ें ये 1 खास मंत्र, जानें सही दिशा और शुभ मुहू्र्त

आज शनि जयंती की शाम पीपल के पेड़ के नीचे दीया जरूर जलाएं। इसी के साथ शनिदेव के एक खास मंत्र का भी जाप करें। हिंदू धर्म में शनिवार के दिन शनि भगवान की पूजा का विशेष महत्व होता है और शनि जयंती है तो आज का दिन और भी खास बन चुका है। बता दें कि लंबे इंतजार के बाद ऐसा संयोग बना है कि शनिवार के दिन ही शनि जयंती पड़ रही हो। आज न्याय और कर्मों के देवता कहने जाने वाले शनिदेव की पूजा करने से जिंदगी के कई कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-पाठ और मंत्र जाप करने से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं और शनिदेव की कृपा मिल सकती है।

शनि जयंती की शाम बहुत ही शक्तिशाली और विशेष मानी जाती है। आज शाम दीया जलाकर शनिदेव से सुख-शांति की कामाना करने से उनकी कृपा जरूर मिलती है। वहीं अगर दीए को सही दिशा और सही मंत्र के साथ जला लिया जाए तो पूजा का महत्व और भी बढ़ जाएगा।

शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त

शनिदेव की पूजा का एक मुहूर्त निकल चुका है। अब शाम का एक मुहूर्त बचा है जोकि विशेष है। आम तौर पर शनिदेव मंदिर में भक्तों की भीड़ शाम में ही नजर आती है। दरअसल शनिदेव की पूजा के लिए शाम का समय ही सबसे शुभ माना जाता है। आज शनि जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:05 बजे से शुरु होकर रात 08:23 बजे तक होगा।

दीया जलाते समय पढ़ें ये मंत्र

शनिदेव के नाम का दीया पीपल के पेड़ नीचे जलाया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और साथ ही मन को शांति मिलती है।

ॐ शं शनैश्चराय नमः

माना जाता है कि इस मंत्र के जाप का शांत मन से जाप किया जाए तो शनिदेव प्रसन्न होकर सारे दुख हर लेते हैं। इस मंत्र का जाप 11, 21 या फिर 108 बार किया जा सकता है। आज का दिन विशेष है तो कोशिश करें कि इस मंत्र का जाप 108 बार ही किया जाए।

दीया और बाती से जुड़े नियम

इस दिशा में जलाएं शनि जयंती का दीया

वास्तु शास्त्र की मान्यता के हिसाब से शनिदेव की पूजा करते समय पश्चिम दिशा शुभ मानी जाती है। इसी दिशा की ओर मुंह करके ही दीया जलाना चाहिए। मान्यता है कि आज शाम को चार जगह दीया जलाना चाहिए। शनि मंदिर और पीपल के पेड़ के नीचे तो दीया जरूर ही जलाएं। साथ ही हनुमान मंदिर और घर के मुख्य द्वार पर भी सरसों के तेल का दीया जलाकर भगवान शनिदेव को मन ही मन याद करें और ऊपर बताए गए मंत्र का जाप करें।

डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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