Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर भूलकर भी घर ना लाएं ये 6 चीजें, रहें सतर्क नहीं तो होगा नुकसान

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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शनि जयंती 16 मई 2026 को है। इस दिन कुछ चीजों को खरीदने से बचें। माना जाता है कि इस दिन इन्हें खरीदने से जिंदगी में कई तरह की बाधाएं आ जाती हैं। नीचे देखें इन सामानों की पूरी लिस्ट।

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर भूलकर भी घर ना लाएं ये 6 चीजें, रहें सतर्क नहीं तो होगा नुकसान

शनि जयंती के दिन कुछ चीजें खरीदना वर्जित होता है। इस दिन कुल 6 चीजों को खरीदने से थोड़ा बचना चाहिए। बता दें कि शनि जयंती इस बार 16 मई को है। हिंदू धर्म में शनिदेव भगवान की पूजा का खूब महत्व है। माना जाता है कि नियमित रूप से शनिदेव की पूजा करने से सारे कष्ट मिट जाते हैं। शनिदेव की पूजा के लिए वैसे तो शनिवार का दिन सबसे खास माना जाता है वहीं शनि जयंती पर इनकी पूजा करने से दोगुना फल मिल सकता है। इस दिन कई उपाय भी किए जाते हैं। साथ ही कुछ सावधानियां भी बरतनी होती है। आज जानेंगे कि इस दिन किन-किन चीजों को खरीदने से बचना चाहिए?

शनि जयंती पर भूलकर भी ना खरीदें ये 6 चीजें

1.सरसों का तेल

वैसे तो शनिदेव की पूजा में सरसों के तेल का बड़ा महत्व होता है। हालांकि शनि जयंती के दिन इसे खरीदने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इससे पैसों का नुकसान हो सकता है। अगर इस दिन तेल खरीदा जाए तो ये आर्थिक तंगी की वजह बन सकता है।

2.नमक

दूसरी चीज है नमक। शनि जयंती पर नमक नहीं खरीदना चाहिए। अगर इस खास दिन पर नमक खरीदा जाए तो ये घर में बीमारियों की वजह बन सकता है। साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि नमक खरीदने से कर्जा भी बढ़ सकता है।

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3.लोहा

शनि जयंती वाले दिन भूलकर भी लोहे का कोई भी सामान ना खरीदें। वैसे तो शनिदेव का संबंध लोहे से होता है लेकिन इस दिन इसके बर्तन या फिर चाकू वगैरह खरीदने से बचना चाहिए। अगर इसे खरीदेंगे तो ये जिंदगी में बाधाएं ला सकता है। साथ ही इसकी वजह से घर में कलेश होने के चांस बढ़ जाएंगे।

4.काला तिल

शनि जयंती पर काला तिल खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता है। शनिदेव की पूजा में इसका इस्तेमाल भले ही होता है लेकिन इस दिन खरीदने से बचें। अगर आप शनि जयंती पर तिल ले आएंगे तो ये आपके काम में रुकावट लाएगा। आप शनिवार या फिर शनि जयंती से एक दिन पहले इसे खरीद सकते हैं।

5.झाड़ू

लिस्ट में झाड़ू भी है। शनि जयंती पर इसे भी खरीदने से बचें। हालांकि झाड़ू खरीदते वक्त लोग आमतौर पर दिन नहीं देखते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। रविवार, सोमवार और गुरुवार के दिन इसे खरीदने से बचना चाहिए। वहीं शनि जयंती वाले दिन भी ये काम ना करें। अगर ऐसा करेंगे तो पैसों से जुड़ी दिक्कत हो सकती है।

6.जूते-चप्पल

शनि जयंती पर तो भूलकर भी जूते-चप्पल नहीं खरीदना चाहिए। मान्यता है कि इससे शनिदेव रुठ जाते हैं। साथ ही कई काम रुकते हैं और किसी भी काम में सफलता जल्दी नहीं मिलती है। ऐसे में इस दिन फुटवियर खरीदने से बचें।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

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