Shani Jayanti 2026: पीपल के पेड़ से जुड़े इन 5 उपाय से प्रसन्न होकर शनि देव बनाएंगे मालामाल, साढ़ेसाती से मिलेगी राहत
शनि जयंती 2026 पर पीपल के पेड़ से जुड़े ये 5 सरल उपाय करें। ये उपाय शनि देव को प्रसन्न कर साढ़ेसाती-ढैय्या की परेशानियां दूर करते हैं। जानिए किस्मत चमकाने, करियर में सफलता और जीवन की समस्याओं से मुक्ति पाने के प्रभावी उपाय।

16 मई 2026, शनिवार के दिन शनि जयंती मनाई जाएगी। ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि देव का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन शनि की पूजा और पीपल से जुड़े विशेष उपाय करने से शनि देव जल्दी प्रसन्न होते हैं। शनि साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तो ये उपाय राहत दिलाने में बेहद कारगर साबित होते हैं। शनि देव न्याय के देवता हैं, वे मेहनती और सच्चे लोगों की हमेशा रक्षा करते हैं।
शनि जयंती और पीपल का गहरा संबंध
शनि देव और पीपल का गहरा संबंध माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पीपल की जड़ में शनि देव का वास होता है। इसलिए शनि जयंती के दिन पीपल की पूजा और उपाय करने से शनि की कृपा प्राप्त होती है। ये उपाय ना सिर्फ साढ़ेसाती-ढैय्या के कष्ट कम करते हैं, बल्कि आर्थिक स्थिति सुधारने, कर्ज से मुक्ति और शत्रु भय से राहत भी देते हैं।
1. पीपल पर जल चढ़ाना
शनि जयंती के दिन सुबह स्नान के बाद पीपल की जड़ में कच्चा दूध, गंगाजल और साफ जल चढ़ाएं। इस दौरान 11 बार 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें। यह उपाय शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या में राहत देता है और जीवन में स्थिरता लाता है।
2. सरसों के तेल का दीया जलाना
शनि जयंती की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं। दीये में काले तिल और एक रुपये का सिक्का डाल दें। फिर पीपल के चारों ओर 7 बार परिक्रमा करें। इससे जीवन के अंधकार दूर होते हैं, विरोधियों पर विजय मिलती है और शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है।
3. पीपल की 108 परिक्रमा
जिनकी कुंडली में शनि दोष है या शनि की महादशा-अंतर्दशा चल रही है, उन्हें शनि जयंती के दिन पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए। इस दौरान 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। इससे शनि दोष शांत होता है, आयु बढ़ती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
4. पीपल के पत्ते पर मंत्र लिखकर चढ़ाना
शनि जयंती के दिन पीपल के 11 पत्तों पर हल्दी से 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र लिखें और इन्हें पीपल की जड़ पर रख दें। इससे अटके काम बनने लगते हैं, धन संकट दूर होता है और शनि देव प्रसन्न होते हैं।
5. पीपल की जड़ में तिल और गुड़ चढ़ाना
पितृ दोष से परेशान लोग शनि जयंती के दिन पीपल की जड़ में तिल, गुड़ और एक रुपये का सिक्का चढ़ाएं। फिर 11 बार 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' मंत्र जपें। पीपल पर मौली बांधें। इससे पितृ दोष शांत होता है और कर्मफल अच्छा मिलता है।
शनि जयंती के दिन इन बातों का रखें ध्यान
- इस दिन पीपल की पूजा सुबह या शाम दोनों समय की जा सकती है।
- पीपल को कभी भी नुकसान ना पहुंचाएं।
- व्रत रखने वाले सुबह से शाम तक फलाहार करें।
- गरीबों और ब्राह्मणों को दान जरूर दें।
शनि जयंती पर किए गए ये सरल उपाय शनि देव को प्रसन्न करते हैं और जीवन से साढ़ेसाती-ढैय्या जैसे कष्टों को दूर करते हैं। साथ ही धन, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि बढ़ाने में मदद करते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
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