30 साल बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे शनि, इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें किस पर शुरू होगी साढ़ेसाती

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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3 जून 2027 को शनि करीब 30 साल बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ साढ़ेसाती का क्रम भी बदल जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, वृषभ और मीन राशि के जातकों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जबकि कुंभ राशि के लोगों को साढ़ेसाती से राहत मिलेगी।

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शनि गोचर 2026

Shani Gochar 2027: वैदिक ज्योतिष में शनि के राशि परिवर्तन को सबसे बड़े ग्रह गोचर में माना जाता है। शनि करीब ढाई साल में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। 3 जून 2027 को शनि करीब 30 साल बाद मेष राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा। हालांकि, मेष, वृषभ और मीन राशि के लोगों को इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी। वहीं कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से राहत मिल जाएगी।

मेष राशि वालों को सेहत का रखना होगा ध्यान

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि के मेष राशि में आने के बाद इस राशि के लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। काम का दबाव बढ़ने से थकान और तनाव महसूस हो सकता है। पुरानी बीमारी दोबारा परेशान कर सकती है। इसलिए नियमित दिनचर्या अपनाएं और स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें।

वृषभ राशि के विदेश से जुड़े काम में आ सकती है रुकावट

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर बाहरी संबंधों और विदेश से जुड़े मामलों में कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। विदेश यात्रा, विदेशी कंपनी से जुड़े काम या अंतरराष्ट्रीय कारोबार में देरी होने की आशंका रहेगी। किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा।

मीन राशि वालों को आर्थिक मामलों में रहना होगा संभलकर

मीन राशि के लोगों के लिए शनि का राशि परिवर्तन आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत देता है। खर्च बढ़ सकते हैं और बचत प्रभावित हो सकती है। निवेश, लेन-देन और बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। अनावश्यक खर्च से बचने की कोशिश करें।

किस राशि पर साढ़ेसाती का कौन सा चरण रहेगा?

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, 3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में प्रवेश करते ही साढ़ेसाती का क्रम भी बदल जाएगा।

- कुंभ राशि के जातकों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी।

- मीन राशि पर साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण शुरू होगा।

- मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण रहेगा। इसे साढ़ेसाती का सबसे प्रभावशाली चरण माना जाता है।

- वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा।

पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि शनि कर्म के अनुसार फल देते हैं। इसलिए इस दौरान धैर्य, अनुशासन और ईमानदारी के साथ काम करना जरूरी होगा।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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