शनि की चाल बदलते ही इन राशियों की बढ़ेगी परेशानी, साढ़ेसाती-ढैय्या वालों पर क्या होगा असर?

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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साल 2027 में शनि 3 जून को मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे और 20 अक्टूबर को वक्री होकर फिर मीन राशि में लौट आएंगे। इस बदलाव के साथ साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि के नक्षत्रों का गणित भी बदलेगा। जानें किन राशियों पर रहेगा साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव रहेगा।

Saturn rashifal Shani Gochar 20 August 2026 Aries Cancer Scorpio ko nuksan Saturn Transit
शनि राशिफल शनि गोचर 2026

Shani Gochar 2027: शनि देव की चाल में बदलाव ज्योतिष के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि को कर्मफल और न्याय का कारक ग्रह माना गया है। इसलिए शनि की राशि बदलने का असर सभी राशियों पर देखने को मिलता है। खासतौर पर साढ़ेसाती और ढैय्या से गुजर रहे जातकों के लिए शनि का राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण होता है। साल 2027 में शनि अपनी राशि बदलेंगे। इसके साथ ही कुछ राशियों की साढ़ेसाती और ढैय्या का गणित भी बदलेगा।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार 3 जून 2027 को सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर 2027 को सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर शनि वक्री होकर वापस मीन राशि में आ जाएंगे। यानी 2027 में शनि का राशि परिवर्तन लंबे समय तक एक जैसा नहीं रहेगा। साल के दौरान शनि की स्थिति में दो बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

शनि के मेष राशि में जाते ही बदल जाएगा साढ़ेसाती का गणित

शनि के मेष राशि में प्रवेश करने के साथ साढ़ेसाती के चरणों में बदलाव होगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्र राशि से 12वें, प्रथम और द्वितीय भाव में शनि की स्थिति को साढ़ेसाती कहा जाता है।

मीन राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का अंतिम चरण रहेगा। वहीं मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का मध्य चरण शुरू होगा। वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण आएगा। दूसरी ओर कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती से राहत मिलने के योग बनेंगे।

हालांकि 20 अक्टूबर 2027 को शनि के वक्री होकर मीन राशि में लौटने के बाद यह स्थिति फिर बदल जाएगी। इसलिए साल 2027 में साढ़ेसाती से जुड़े जातकों को शनि की चाल पर विशेष नजर रखनी होगी।

किन राशियों पर रहेगी शनि की ढैय्या?

शनि के मेष राशि में गोचर के दौरान चंद्र राशि के आधार पर कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर ढैय्या का प्रभाव माना जाएगा। ऐसे में इन राशि के जातकों को नौकरी, कारोबार, धन और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

शनि की ढैय्या के दौरान मेहनत का परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। काम में रुकावटें आ सकती हैं और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। हालांकि ज्योतिष में शनि को कर्म प्रधान ग्रह माना जाता है, इसलिए ईमानदारी से किए गए काम और अनुशासन का सकारात्मक परिणाम भी मिल सकता है।

शनि का नक्षत्र परिवर्तन भी रहेगा खास

साल 2027 में शनि का नक्षत्र परिवर्तन भी महत्वपूर्ण रहेगा। शनि 8 फरवरी 2027 को रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 3 जून 2027 को अश्विनी नक्षत्र में पहुंचेंगे। 22 जुलाई को अश्विनी के दूसरे चरण में जाएंगे। फिर 28 अगस्त को वक्री होकर अश्विनी के पहले चरण में लौटेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर 2027 को वापस रेवती नक्षत्र में आ जाएंगे।

किन लोगों को रहना होगा सावधान?

शनि के मेष राशि में गोचर के दौरान साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित जातकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। नौकरी और कारोबार में नियमों की अनदेखी नुकसान पहुंचा सकती है। आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर फैसला लेना बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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