2027 में शनि मीन राशि में करेंगे वापसी, ये 3 राशियां होंगी सबसे ज्यादा प्रभावित, ये 5 उपाय देंगे राहत
Shani Meen Gochar 2027: अगले साल शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में कुछ दिन तक गोचर करने के बाद फिर से मीन राशि में लौट जाएंगे। शनि के मीन राशि में वापसी करने का प्रभाव 3 राशियों पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

Saturn's transit in Pisces will influence these 5 Zodiac Signs: ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे धीमी गति का ग्रह माना जाता है। कहा जाता है कि शनि हर व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं। धीमी गति होने के कारण शनि एक राशि में करीब ढाई वर्ष तक विराजमान रहते हैं। इस समय शनि मीन राशि के गोचर में हैं। अगले साल शनि मेष राशि में गोचर करेंगे। खास बात यह है कि मेष राशि में कुछ दिनों तक रहने के बाद शनि फिर से मीन राशि में वापसी करेंगे। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि के मीन गोचर का प्रभाव कुंभ, सिंह और धनु राशि पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। क्योंकि शनि जब मीन राशि में लौटेंगे तो कुछ राशियों पर फिर से साढ़ेसाती और ढैय्या प्रारंभ होगी। साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव होने के कारण इन राशियों को करियर, व्यापार, वित्त और सेहत के साथ-साथ पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जानें शनि की मीन राशि में वापसी साढ़ेसाती और ढैय्या किन राशियों पर शुरू होगी और क्या प्रभाव पड़ेगा।
शनि साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं:
शनि साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। पहले चरण में जातक को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। दूसरा चरण अत्यंत कष्टकारी माना जाता है। इस समय जातक को अधिक संघर्ष करना पड़ता है। तीसरे चरण में व्यक्ति को राहत मिलने लगती है। शनि की साढ़ेसाती की अवधि कुल 7.5 वर्ष की होती है।
शनि की मीन राशि में वापसी से किस राशि पर शुरू होगी साढ़ेसाती और ढैय्या:
पंडित उपाध्याय के अनुसार, मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण, मीन राशि पर दूसरा और कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का तीसरा या अंतिम चरण चल रहा है। शनि 3 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में आएंगे। शनि के मेष गोचर से कुंभ राशि से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव हट जाएगा। जबकि सिंह और धनु राशि से ढैय्या हट जाएगा। शनि 20 अक्टूबर 2027 को फिर से मीन राशि में वापसी करेंगे। शनि के मीन राशि में आते ही कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती, सिंह और धनु राशि पर शनि ढैय्या प्रारंभ हो जाएगी।
कुंभ, सिंह और धनु राशि पर शनि का प्रभाव:
शनि साढ़ेसाती की चपेट में आने से कुंभ राशि वालों को मानसिक तनाव, करियर में कठिन निर्णय, धन हानि की आशंका और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। सिंह और धनु राशि वालों को शनि ढैय्या के प्रभाव से अनचाहे खर्च झेलने पड़ सकते हैं। यात्रा में कष्ट संभव है। मानसिक बेचैनी हो सकती है। धन-संपदा की वृद्धि में रुकावट आ सकती है। घर-परिवार में अशांति छा सकती है।
शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय-
1. शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए नियमित रूप से ओम् शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
2. शनिवार का उड़द की दाल, काले वस्त्र, लोहा, सरसों का तेल आदि का दान करना चाहिए।
3. हनुमान जी का स्मरण और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
4. शनिवार को शनि पूजन करना अत्यंत लाभकारी होता है।
5. नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


