मेष राशि में आ रहे शनि, ज्योतिर्विद से जानें साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों को क्या देंगे फल?
Shani Gochar 2027: शनि इस समय मीन राशि में हैं। अगले साल यानी 2027 में शनि मेष राशि में आएंगे। शनि का मेष गोचर करीब 30 साल बाद होगा। जानें शनि के मेष राशि में आने से साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों पर क्या प्रभाव होगा।

Shani Mesh Gochar ka Sade Sati se Pidit Rashiyo Par Prabhav: कर्मफलदाता शनि गुरु की मीन राशि में हैं और करीब 30 साल बाद 3 जून 2027 को मेष राशि में गोचर करेंगे। यह शनि की नीच राशि मानी जाती है। नीच राशि मेष में शनि के आने का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों के लिए यह गोचर खास रहेगा। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि के मेष राशि में आने से मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण प्रारंभ होगा। कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी और वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। जबकि मीन राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम या तीसरे चरण का प्रभाव होगा। जानें पंडित जी से शनि के मेष राशि में आने से शनि की साढ़ेसाती से पीड़ित तीन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
शनि का मेष गोचर 2027: साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों पर क्या डालेगा प्रभाव:
वृषभ राशि-
पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि वृषभ राशि वालों को साढ़ेसाती के प्रथम चरण में बाहरी रिश्तों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस समय आपके खर्च बढ़े रहेंगे। अनाप-शनाप खर्च कह सकते हैं। खर्च की अधिकता होने से मानसिक परेशानी हो सकती है। अपनों के साथ अनबन के संकेत हैं। सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। व्यापार में बाधाएं आ सकती हैं। कार्य विघ्न-बाधा के साथ संपन्न होंगे। सरकारी तंत्र से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी में परेशानी बन सकती है, इसलिए उच्चाधिकारियों से विवाद में नहीं पड़ें। इस समय शनिदेव को प्रणाम करना और काली वस्तु का दान करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।
मीन राशि-
मीन राशि पर साढ़ेसाती का तीसरा यानी अंतिम पड़ाव प्रारंभ होगा। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि इस समय शनि के प्रभाव से रिश्तों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। धन संबंधी परेशानियां होंगी। कार्यों में अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी कार्य में सफलता पाने के लिए ज्यादा मेहनत या संघर्ष करना पड़ सकता है। करियर में दिक्कतें आएंगी। रोजी-रोजगार की तलाश कर रहे लोगों का इंतजार लंबा हो सकता है। विवादों से घिर सकते हैं, इसलिए अपनी वाणी पर काबू रखें।
मेष राशि-
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण रहेगा। पंडित जी के अनुसार, शनि गोचर से आपको शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सिरदर्द या नेत्रपीड़ा हो सकती है। कार्यक्षेत्र में उच्चाधिकारियों के साथ विवाद हो सकता है, जिसका नकारात्मक प्रभाव करियर पर पड़ सकता है। अपनों में कमी आएगी। धन का अभाव महसूस कर सकते हैं, कर्ज की स्थिति आ सकती है। नौकरी में परेशानी बनी रहेगी। वाहन प्रयोग में खास सावधानी बरतें, वरना चोट-चपेट लगने के संकेत हैं। परिस्थितियां विपरीत इसलिए यह समय आपको बहुत सावधानी से पार करने की आवश्यकता हो सकती है। भगवान शिव के साथ शनिदेव को प्रतिदिन प्रणाम करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


