Shanivar Upay: शनिदेव पर तिल चढ़ाने से मिलते हैं ये 5 फायदे, शनिवार के दिन मंदिर पहुंचकर बस ना करें ये गलतियां
Importance of Black Til in Shani Dev Puja शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस दिन विशेष रूप से उन्हें काला तिल अर्पित किया जाता है। आइए जानते हैं कि शनिदेव की पूजा में तिल चढ़ाने से क्या लाभ मिलते हैं?

Shani Dev Puja and Black Til Connection: हिंदू धर्म में हफ्ते के हर दिन काफी महत्वपूर्ण हैं। हर एक दिन किसी ना किसी देवी या देवता को जरूर समर्पित होता है। ऐसे ही शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। शनिदेव को कर्मों का फल देने वाले देवता के रूप में जाना जाता है। जो जैसा कर्म करता है, शनिदेव उसे वैसा ही फल कभी ना कभी जरूर देते हैं। ऐसे में तमाम लोग शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करते हैं ताकि जिंदगी में आने वाली परेशानियां दूर हो। माना जाता है कि अगर सच्चे मन से पूजा करते हुए उन्हें कुछ खास चीजें अर्पित करें तो उनका आशीर्वाद जरूर मिलता है। इन्हीं से एक चीज है काला तिल। शनिदेव की पूजा में काले तिल का बड़ा महत्व है। आइए जानते हैं कि शनिवार के दिन शनिवदेव का काला तिल चढ़ाने से 5 कौन से फायदे मिलते हैं?
शनिदेव पर काला तिल चढ़ाने के 5 फायदे
1. कम होता है शनि दोष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी की कुंडली में शनिदोष है तो उसे जिंदगी में हर एक लेवल पर परेशानी ही आएगी। ऐसे लोगों को शनिदेव पर काला तिल चढ़ाने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से शनिदोष का प्रभाव कम होता है। इस उपाय से धीरे-धीरे सारे काम बनने लगते हैं और जिंदगी में स्टेबिलिटी आने लगती है।
2. दूर होती हैं बाधाएं
ऐसा कई बार होता है ना कि ढेर सारी मेहनत करने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाता है या फिर बीच में ही रुक जाता है। अगर आपके साथ ये चीज बार-बार हो रही है तो शनिवार के दिन शनिदेव पर काला तिल चढ़ाना शुरू कर दें। धार्मिक मान्यता है इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और आने वाली बाधाओं को कम करते हैं।
3. खत्म होती है पैसों से जुड़ी दिक्कत
अगर किसी को पैसों से जुड़ी दिक्कत है या फिर खर्चे पर कंट्रोल नहीं हो रहा है तो ऐसे लोगों का बेड़ापार भी शनिदेव ही लगाते हैं। शनिवार के दिन तिल वाला उपाय करने से इस मामले में भी राहत मिलती है। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि आपको अपनी आदतों पर भी लगाम लगाना होगा।
4. दूर होती है नेगेटिविटी
आजकल की भाग-दौड़ वाली जिंदगी में हर किसी को अपने आसपास नेगेटिविटी नजर आ ही जाती है। ऐसे में मन शांत नहीं रहता है। शनिवार को तिल वाला उपाय करने से नेगेटिविटी काफी हद तक कम हो सकती है। मन शांत होते ही सारी चीजें सही होने लगती हैं।
5. बढ़ता है कॉन्फिडेंस
अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका कॉन्फिडेंस कम होता जा रहा है तो उसे शनिदेव की पूजा जरूर करनी चाहिए। हर एक इंसान की जिंदगी में एक टाइम ऐसा जरूर आता है जब कॉन्फिडेंस पूरी तरह से हिल जाता है, ऐसे में शनिदेव की शरण में जाना ही बेहतर होगा। शनिवार के दिन काला तिल चढ़ाएं तो जरूर राहत मिलेगी और कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ेगा।
शनिदेव की पूजा के समय ना करें ये गलतियां
शनिदेव की पूजा के वक्त कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए। नीचे इसके बारे में विस्तार से पढ़ें-
1. बिना स्नान किए हुए शनिदेव की पूजा भूलकर भी ना करें।
2. शनिदेव पर कभी भी खराब और गंदा तिल ना चढ़ाएं।
3. पूजा के वक्त शनिदेव की मूर्ति को ना छुएं।
4. पूजा करते समय ध्यान रखें कि आप शनिदेव की मूर्ति के ठीक सामने ना खड़े हो और ना ही उनकी आंख में डायरेक्ट देखें। आप अपनी मन्नत मांगते वक्त हमेशा उनकी पैर की ओर देखें।
5. शनिदेव की पूजा के वक्त मन में कोई भी गलत ख्याल ना लाएं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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