Shani Ast 2026: 13 मार्च से शनि देव अस्त, मेष, वृश्चिक समेत इन राशियों के लिए बन सकता है गोल्डन टाइम

Mar 08, 2026 04:35 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
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वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि की चाल धीमी जरूर होती है, लेकिन जब भी उनकी स्थिति में बदलाव आता है तो उसका असर सभी राशियों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर दिखाई देता है। वर्ष 2026 में 13 मार्च को शनि देव मीन राशि में रहते हुए अस्त होने जा रहे हैं।

Shani Ast 2026: 13 मार्च से शनि देव अस्त, मेष, वृश्चिक समेत इन राशियों के लिए बन सकता है गोल्डन टाइम

Shani Ast 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि की चाल धीमी जरूर होती है, लेकिन जब भी उनकी स्थिति में बदलाव आता है तो उसका असर सभी राशियों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर दिखाई देता है। वर्ष 2026 में 13 मार्च को शनि देव मीन राशि में रहते हुए अस्त होने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह स्थिति लगभग 40 दिनों तक बनी रहेगी और 22 अप्रैल को शनि फिर से उदित होंगे। ज्योतिषशास्त्र में किसी ग्रह के अस्त होने का अर्थ है कि वह सूर्य के बहुत करीब पहुंच जाता है और उसकी प्रभाव शक्ति कुछ समय के लिए कम हो जाती है। हालांकि इसे हर बार नकारात्मक नहीं माना जाता। कई बार ग्रह का अस्त होना कुछ लोगों के लिए राहत और नई शुरुआत का संकेत भी देता है।

कब से कब तक रहेगा शनि का अस्त काल

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि देव 13 मार्च 2026 को शाम 7 बजकर 13 मिनट पर अस्त होंगे। इसके बाद लगभग 40 दिनों तक उनकी स्थिति अस्त रहेगी और 22 अप्रैल 2026 को सुबह 4 बजकर 49 मिनट पर शनि पुनः उदित होंगे। इस अवधि में कई लोगों के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं, जबकि कुछ लोगों को फैसले लेते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

इन राशियों को मिल सकता है लाभ

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए शनि का अस्त होना आर्थिक मामलों में राहत देने वाला साबित हो सकता है। कुंडली के बारहवें भाव में यह स्थिति खर्चों पर नियंत्रण और अधूरे काम पूरे होने के संकेत दे रही है। हालांकि साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है, इसलिए धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी होगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और व्यवसाय के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। शनि के अस्त होने से नौकरी में स्थिरता, प्रमोशन या नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को अप्रत्याशित लाभ भी मिल सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। दूसरे भाव में शनि के प्रभाव में कमी आने से धन संचय के नए अवसर मिल सकते हैं। साढ़ेसाती का अंतिम चरण होने के कारण मानसिक तनाव में भी कुछ राहत महसूस हो सकती है।

मीन राशि

मीन राशि में ही शनि की स्थिति होने के कारण इस राशि के लोगों के लिए यह समय स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिहाज से बेहतर साबित हो सकता है। तनाव कम होने और ऊर्जा में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के अस्त काल में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेना उचित नहीं माना जाता। निवेश, कानूनी मामलों या नई योजनाओं से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। विशेष रूप से मेष और कुंभ राशि के जातकों को किसी भी आर्थिक या कानूनी कदम से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस अवधि में धैर्य, अनुशासन और संयम बनाए रखना सबसे अधिक लाभकारी रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


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व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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