10 अक्टूबर को शनि अमावस्या, इन राशियों पर शनि की रहेगी खास नजर, पितृ कृपा से भी मिलेगा लाभ
10 अक्टूबर 2026 को शनिश्चरी अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या का खास संयोग बन रहा है। इसी दिन पितृ पक्ष का समापन होगा। मकर, कुंभ और मीन राशि वालों को काम, धन और जिम्मेदारियों में सावधानी रखनी होगी। वहीं वृषभ और तुला राशि के लिए रुके काम आगे बढ़ने और आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं।

10 अक्टूबर 2026 को शनिवार के दिन अमावस्या पड़ रही है। खास बात यह है कि इसी दिन सर्वपितृ अमावस्या भी रहेगी। यानी इस बार पितृ पक्ष का समापन शनिश्चरी अमावस्या के साथ होगा। अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात करीब 9:35 बजे शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात करीब 9:19 बजे तक रहेगी। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है और अमावस्या पर पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान करने की परंपरा है। इसलिए 10 अक्टूबर का दिन शनि उपासना और पितरों के निमित्त किए जाने वाले कर्मों के लिहाज से खास रहेगा। इस संयोग का असर राशियों पर भी देखने को मिल सकता है। खासकर मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों को शनि से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। वहीं वृषभ और तुला राशि के लोगों के लिए यह समय कुछ मामलों में राहत और लाभ देने वाला हो सकता है।
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि हैं। इसलिए शनिश्चरी अमावस्या का प्रभाव इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा सकता है। कामकाज में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। किसी पुराने काम को पूरा करने में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। पैसों के मामले में भी सोच-समझकर चलना होगा। अनावश्यक खर्च से बचें। नौकरी में अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर रखना बेहतर रहेगा। कारोबार में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। इस दिन शनि देव की पूजा और पितरों के निमित्त दान करना शुभ माना जाता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के स्वामी भी शनि हैं। ऐसे में 10 अक्टूबर का दिन इस राशि के लोगों के लिए खास रहेगा। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है। किसी काम का परिणाम मिलने में समय लग सकता है।आर्थिक मामलों में बजट बिगड़ने न दें। किसी को पैसा उधार देने या बिना जानकारी के निवेश करने से बचना बेहतर होगा। परिवार में किसी पुराने मुद्दे को लेकर बातचीत हो सकती है। पितरों के नाम से तर्पण और जरूरतमंद को भोजन कराने से मानसिक संतोष मिल सकता है।
मीन राशि
मीन राशि में इस समय शनि का गोचर चल रहा है। इसलिए इस राशि के जातकों के लिए शनि अमावस्या का दिन विशेष रहेगा। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और काम को लेकर दबाव महसूस हो सकता है। नौकरी में मेहनत का फल मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। कारोबार में भी किसी फैसले को लेकर जल्दबाजी न करें। पैसों के मामले में बचत पर ध्यान देना ठीक रहेगा। पितरों का आशीर्वाद लेने के लिए इस दिन तर्पण और दान किया जा सकता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए यह संयोग राहत देने वाला रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। कारोबारियों को पुराने संपर्क से फायदा मिलने की संभावना है। हालांकि किसी बड़े निवेश में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।
तुला राशि
तुला राशि के लोगों के लिए भी शनिश्चरी अमावस्या का समय अच्छा रह सकता है। कामकाज में रुका हुआ कोई मामला आगे बढ़ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार करने वालों को मेहनत का फायदा मिल सकता है। पैसों की स्थिति में सुधार की संभावना है। परिवार के किसी सदस्य से जुड़ी चिंता भी कम हो सकती है।
सर्वपितृ अमावस्या पर क्या करें
10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या होने के कारण उन पितरों के लिए भी श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि पता नहीं है या जिनका श्राद्ध किसी कारण से नहीं हो पाया। इस दिन तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है। श्राद्ध के लिए कुतुप और रोहिण जैसे मुहूर्त देखे जाते हैं।
शनि देव को क्या चढ़ाएं
शनिवार को शनि देव की पूजा करते समय सरसों के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना, काले तिल और वस्त्र का दान करना भी किया जाता है। पितरों के निमित्त तर्पण के साथ अपनी क्षमता के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है।


