
शुक्र और गुरु के संयोग से बन रहा ये दुर्लभ संयोग, इन राशियों को मिलेगा खूब लाभ!
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रह लगातार गतिमान रहते हैं। इस दौरान वे एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। यहां वे अन्य ग्रहों के साथ युति भी करते हैं। अगर शुभ ग्रहों के साथ युति हो, तो शुभ योग का निर्माण होता है और इसके शुभ और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रह लगातार गतिमान रहते हैं। इस दौरान वे एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। यहां वे अन्य ग्रहों के साथ युति भी करते हैं। अगर शुभ ग्रहों के साथ युति हो, तो शुभ योग का निर्माण होता है और इसके शुभ और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। ऐसे शुक्र और गुरु के संयोग से एक योग बनने जा रहा है, जिसका असर कई राशियों पर सकारात्मक तौर पर पड़ेगा।
देवताओं के गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है और जून 2026 तक इसी राशि में रहने वाले हैं। ऐसे में गुरु जल्द ही धन-वैभव के कारक शुक्र के साथ संयोग करके षडाष्टक योग का निर्माण करने वाले हैं। शास्त्रों के मुताबिक, 19 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर गुरु-शुक्र एक-दूसरे से 150 डिग्री पर होंगे, जिससे षडाष्टक दृष्टि योग का निर्माण होगा। चलिए जानते हैं इस इस योग से किन राशियों को लाभ मिलेगा।
मान्यता है कि जब दो ग्रहों के बीच छठे और आठवें भाव का संबंध बनता है, तब षडाष्टक योग का निर्माण होता है। इसी तरह जब कुंडली में दो ग्रहों के बीच 150 डिग्री का कोण बनता है तब भी षडाष्टक योग बनता है। शुक्र इस समय वृश्चिक राशि में और गुरु मिथुन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु-शुक का षडाष्टक योग लाभदायक होगा। इस राशि के दूसरे भाव में गुरु और पांचवें भाव में शुक्र विराजमान है। ऐसे में जीवन में लंबे समय से चली आ रही समस्याएं खत्म होगी। पारिवारिक कलह खत्म होगा। कमाई में वृद्धि होगी।
मेष राशि
यह योग मेष राशि वालों के लिए भी शुभ फलदायी है। इस राशि में गोचर कुंडली के आठवें भाव में शुक्र और दूसरे भाव में गुरु संचरण कर रहे हैं। ऐसे में इस जातकों की आर्थिक तंगी समाप्त होगी और धन वृद्धि होगी। षडाष्टक योग के कारण गुरु की विशेष कृपा हो सकती है। करियर तरक्की होगी। व्यापार में लाभ मिलेंगे और दांपत्य जीवन सुखमय होगा।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए गुरु-शुक्र का षडाष्टक योग कई मायनों में लाभ पहुंचाएगा। इस राशि के बारहवें भाव में शुक्र और सातवें भाव में गुरु विराजमान है। पारिवारिक कलह दूर होगी। करियर के क्षेत्र में मनचाहा काम मिलेगा। व्यापार में भी लाभ मिलने के योग नजर आ रहे हैं। साथ ही समाज में मान-सम्मान की तेजी से वृद्धि हो सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





