Shabari Jayanti 2026: 7 या 8 फरवरी कब है शबरी जयंती? जानिए सही डेट, महत्व और पूजा विधि

Feb 06, 2026 12:27 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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शबरी जयंती रामभक्तों के लिए बहुत विशेष पर्व है। यह वह दिन है जब भगवान राम ने माता शबरी के जूठे बेर खाकर भक्ति की पराकाष्ठा दिखाई थी। 2026 में यह पर्व 8 फरवरी दिन रविवार को मनाया जाएगा।

Shabari Jayanti 2026: 7 या 8 फरवरी कब है शबरी जयंती? जानिए सही डेट, महत्व और पूजा विधि

शबरी जयंती रामभक्तों के लिए बहुत विशेष पर्व है। यह वह दिन है जब भगवान राम ने माता शबरी के जूठे बेर खाकर भक्ति की पराकाष्ठा दिखाई थी। शबरी का प्रेम और प्रतीक्षा आज भी भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती मनाई जाती है। 2026 में यह पर्व 8 फरवरी दिन रविवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं सही तिथि, महत्व और पूजा विधि के बारे में।

शबरी जयंती की सही तिथि और समय

वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि 8 फरवरी 2026 को रात 2:54 बजे शुरू होगी और 9 फरवरी को सुबह 5:01 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर शबरी जयंती 8 फरवरी को मनाई जाएगी। यह तिथि विश्वसनीय पंचांगों से ली गई है। 8 फरवरी को ही मुख्य पूजा-अर्चना और व्रत रखा जाएगा।

शबरी जयंती का धार्मिक महत्व

शबरी जयंती भक्ति, प्रेम और प्रतीक्षा का प्रतीक है। रामायण में शबरी राम के वनवास काल में वर्षों तक उनकी प्रतीक्षा करती रहीं। जब राम उनके आश्रम पहुंचे, तो शबरी ने प्रेमपूर्वक जूठे बेर खिलाए। भगवान राम ने इसे सच्ची भक्ति का प्रतीक मानकर स्वीकार किया और शबरी को परम धाम प्रदान किया। यह प्रसंग बताता है कि भगवान को बाहरी दिखावा नहीं, बल्कि निश्छल प्रेम और भावना प्रिय है। इस दिन व्रत और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

शबरी जयंती पूजा विधि

शबरी जयंती पर पूजा सरल लेकिन श्रद्धापूर्ण होनी चाहिए।

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • घर के मंदिर में राम-शबरी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
  • धूप-दीप जलाएं, फूल, फल और बेर का प्रसाद चढ़ाएं।
  • भगवान राम और शबरी माता को तुलसी दल, चंदन और सिंदूर अर्पित करें।
  • रामायण के शबरी प्रसंग का पाठ या कथा सुनें।
  • 'ॐ रामाय नमः' या 'ॐ नमो भगवते रामचन्द्राय' मंत्र का जप करें।
  • शाम को आरती करें और रात्रि में भजन-कीर्तन करें।
  • अगले दिन पारण में फल या सात्विक भोजन ग्रहण करें।

शबरी जयंती की विशेष बातें

शबरी जयंती का व्रत रखने से भक्तों को प्रेम, भक्ति और धैर्य की शक्ति मिलती है। विवाह में देरी या बाधा होने पर इस दिन पूजा करने से शुभ फल मिलता है। गरीबों में अन्न, फल या बेर का दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। शबरी का प्रेम आज भी रामभक्तों को प्रेरित करता है कि सच्ची भक्ति में बाहरी दिखावा नहीं, बल्कि भाव जरूरी है। इस दिन राम नाम का जप और शबरी प्रसंग का पाठ विशेष फलदायी होता है।

शबरी जयंती पर श्रद्धा से पूजा करें, तो भगवान राम और शबरी माता की कृपा से जीवन में सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति होती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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