Second Chandra Grahan 2026: 5 महीने बाद लगेगा 2026 का दूसरे चंद्र ग्रहण, जानें दिन और सटीक टाइम
Second Lunar Esclipse 2026: हर किसी की नजर अब साल के दूसरे चंद्र ग्रहण पर है। नीचे विस्तार से जानें कि 2026 के दूसरे और आखिरी चंद्र ग्रहण से जुड़ी खास बातें-

2026 Second Lunar Esclipse: साल का पहला चंद्र ग्रहण बीते 3 मार्च को लगा है। पहला चंद्र ग्रहण देश के कई हिस्सों में नजर आया है। 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा को नजर आया और इसे आम बोलचाल की भाषा में ब्लड मून (Blood Moon) कहा जाता है। वैसे तो चंद्र ग्रहण को एक सामान्य खगोलीय घटना माना जाता है लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इसे बहुत ही महत्व दिया जाता है। मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान और इसके बाद लगभग हर एक राशि पर इसका प्रभाव साफ तौर पर देखने को मिलता है। इस बार का चंद्र ग्रहण कई मायनों में खास रहा है। अब हर किसी की नजरें अगले चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण पर है। आज बात करेंगे कि इस साल यानी 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण कब लगेगा?
अद्भुत होगा नजारा
बता दें कि अगले चंद्र ग्रहण का नजारा भी खास होने वाला है। इस बार चंद्रमा का ज्यादातर हिस्सा पृथ्वी की छाया के चलते छिप जाएगा। ये आंशिक चंद्र ग्रहण होगा और इसे स्टर्जन मून (Sturgeon Moon) कहा जाएगा। इस दौरान पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का लगभग 93% हिस्सा छिप जाने वाला है। अब विस्तार से समझते हैं कि दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा?
इस दिन लगेगा 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण
हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण आज से 5 महीने बाद लगेगा। 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 27-28 अगस्त को लगेगा। इस बार ये चंद्र ग्रहण दुनिया के तमाम हिस्से से देखा जा सकता है। बता दें कि चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी पूर्ण रूप से चंद्रमा और सूरज के बीच आ जाता है। इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पूरी तरह से पड़ती है। इस दौरान सूरज की रोशनी उस पर मुड़कर पहुंचती है। यही वजह है कि ऐसे समय में चंद्रमा पूरा लाल दिखता है।
इतनी देर के लिए दिखेगा दूसरा चंद्र ग्रहण
बता दें कि पहले चंद्र ग्रहण की तुलना में दूसरे चंद्र ग्रहण की अवधि लंबी होगी। ये ग्रहण इस बार लंबा चलने वाला है। पूरी प्रक्रिया 5 घंटे से ज्यादा चलेगी। इसकी शुरुआत 27 अगस्त (01:23 UTC) को जाएगी और इसका समापन अगले दिन यानी 28 अगस्त (07:02 UTC) को होने वाला है। इसकी अवधि तकरीबन 5 घंटे 39 मिनट होगी।
भारत में चंद्र ग्रहण कब दिखेगा?
बता दें कि भारत में दूसरा चंद्र ग्रहण साफ तौर पर नहीं दिखेगा। समय अलग होने के नाते ये दुनिया के बाकी हिस्सों में साफ तौर पर देखा जा सकता है। साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका में नजर आएगा। वहीं पूर्वी प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में ये ग्रहण देखा जा सकेगा। अब भारत में ये चंद्र ग्रहण नहीं दिखेगा तो ऐसे में इस बात सूतक काल की मान्यता नहीं होगी।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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