Sawan 2026: सावन में कितने सोमवार, जानें भगवान शिव को कैसे करें प्रसन्न

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Sawan Somwar Date 2026 kab hai sawan ka somvar : जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो रही है और अगस्त में समाप्ति। ऐसे में आइए जानते हैं सावन में इस साल कितने सोमवार पड़ेंगे, कब पड़ेंगे, शुभ योग और पूजा की विधि-

Sawan Somwar Date 2026 kab hai sawan ka somvar Sawan Upay Shiva pooja

Sawan Somwar Date 2026 kab hai sawan ka somvar: हर साल सावन का महीना आता है। सावन के महीने में सोमवार का दिन काफी महत्वपूर्ण और खास माना जाता है। कई शिव भक्त सावन सोमवार का व्रत भी रखते हैं। ये दिन महादेव को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है इस दिन विधिवत शिव पूजा और व्रत करने से मन मांगी मुराद पूरी होती है। महिलाएं अखंड सौभाग्य और योग्य वर की कामना के लिए भी ये व्रत करती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो रही है और अगस्त में समाप्ति। ऐसे में आइए जानते हैं सावन में इस साल कितने सोमवार पड़ेंगे, कब पड़ेंगे, शुभ योग और पूजा की विधि-

सावन में कितने सोमवार, जानें भगवान शिव को कैसे करें प्रसन्न

सावन कब से कब तक रहेगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार, 29 जुलाई की देर शाम श्रावण मास की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी, लेकिन उदयातिथि के आधार पर धार्मिक दृष्टि से सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई से मानी जाएगी।

शुभ योग

इस बार विशेष शुभ संयोगों के साथ सावन का पावन महीना शुरू होगा। श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग के दुर्लभ संयोग में 30 जुलाई से सावन का शुभारंभ हो रहा है।

सावन में कितने सोमवार पड़ेंगे?

इस साल सावन में चार सोमवारी व्रत पड़ेंगे।

सावन में कब-कब सोमवार व्रत रखा जाएगा?

सावन में पहला सोमवारी व्रत 3 अगस्त को होगा, सावन का दूसरा सोमवार व्रत 10 अगस्त को पड़ रहा है। सावन का तीसरा सोमवार व्रत 17 अगस्त के दिन पड़ रहा है। वहीं, 24 अगस्त को सावन का चौथा और आखिरी सोमवार श्रद्धालु भगवान शिव का व्रत और विशेष पूजन करेंगे। इन दिनों जिले के शिव मंदिरों में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।

सावन में भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?

सावन में शिव भगवान को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव पूजन करें।

सावन में भगवान शिव की पूजा कैसे करें ?

सावन के महीने में ब्रह्म मुहूर्त और प्रदोष काल में शिव आराधना करना सर्वोत्तम माना जाता है। सावन में भगवान शिव को गंगाजल, जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और सफेद पुष्प अर्पित करने का विशेष महत्व है। श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना से सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की सिद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सावन में कौन-कौन से व्रत पड़ेंगे?

इस साल सावन में शिवरात्रि 11 अगस्त को होगी, जो महादेव के जलाभिषेक के लिए सबसे मुख्य रात्रि होगी। हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को है, जो प्रकृति व पितृ पूजन का विशेष दिन है। हरियाली तीज 15 अगस्त को है, जो सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का पर्व है। जबकि, रक्षाबंधन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

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