सावन शिवरात्रि: कल भद्रा काल में जल चढ़ाना शुभ या अशुभ? जानें कावड़ जल कब चढ़ेगा
Best time to offer water to shivling on sawan shivratri: सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग जलाभिषेक का विशेष महत्व है। इस दिन कावड़ जल अर्पित करने के लिए शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। आइए जानते हैं सावन शिवरात्रि पर कावड़ जल कब चढ़ेगा।

Sawan Shivratri Kawad Jalabhishek Time 2026: सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। इस साल सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026, मंगलवार को है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना और निशिता काल में शिव पूजन अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। सावन शिवरात्रि पर कावड़ का जल अर्पित करने का विधान है। इसी के साथ कावड़ यात्रा का समापन होता है। हालांकि इस बार भद्राकाल होने के कारण लोगों के मन में प्रश्न है कि क्या सावन शिवरात्रि के दिन भद्रा में शिवलिंग पर जल चढ़ाया जा सकेगा या नहीं। जानें सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और शिव पूजन का उत्तम समय।
सावन शिवरात्रि पर भद्रा का वास धरती पर:
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, सावन शिवरात्रि पर भद्रा का साया रहेगा। भद्रा सुबह 05 बजकर 58 मिनट पर प्रारंभ होगी और दोपहर 03 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। इस भद्रा का वास पृथ्वी पर होगा। जब भद्रा पृथ्वी पर वास करती है तो यहां रहने वाले प्राणियों के लिए परेशानी उत्पन्न करती है। इस वजह से इस समय शुभ कार्यों की मनाही होगी। हालांकि शुभ मुहूर्त का विचार करके शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा सकेगा।
सावन शिवरात्रि पर शिव पूजन का निशिता काल:
पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 04 बजकर 54 मिनट पर प्रारंभ होगी और 12 अगस्त को देर रात 01 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। निशिता काल पूजा का शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 05 मिनट से रात 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
सावन शिवरात्रि पर कावड़ जल चढ़ाने या जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त:
11 अगस्त 2026, सावन शिवरात्रि पर कावड़ जल चढ़ता है। सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक का ब्रह्रा मुहूर्त 11 अगस्त को सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 6 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। सावन शिवरात्रि पर जल अभिषेक का गोधूलि मुहूर्त रात 9 बजकर 13 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए जलाभिषेक और शिव पूजन का शुभ फल प्राप्त होता है।
सावन शिवरात्रि पर चार प्रहर पूजन मुहूर्त 2026:
सावन शिवरात्रि पर चार प्रहर में शिव पूजन का खास महत्व है। मान्यता है कि इस समय किए गए भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
प्रथम पहर: शाम 07:04 बजे से रात 09:45 बजे तक
द्वितीय पहर: रात 09:45 बजे से रात 12:26 बजे तक
तृतीय पहर: रात 12:26 बजे से प्रातः 03:07 बजे तक
चतुर्थ पहर: प्रातः 03:07 बजे से सुबह 05:48 बजे तक


