सावन के आखिरी सोमवार पर कुंभ, मीन और मेष वाले करें ये काम, शनि की साढ़ेसाती से मिलेगी राहत

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार है। इस दिन कुंभ, मीन और मेष राशि वालों के लिए शिव पूजा को खास माना जा रहा है, क्योंकि इन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव बताया जाता है। कुंभ राशि वाले शिवलिंग पर जल चढ़ाकर मंत्र जाप करें, मीन राशि वाले पूजा के साथ जरूरतमंदों को दान करें।

Sawan Last Somvar 2026:
Sawan Last Somvar 2026:

सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त 2026 को है। सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। वहीं इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव माना जा रहा है। ऐसे में इन तीन राशियों के लिए सावन के आखिरी सोमवार की शिव पूजा खास मानी जा सकती है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दिन शिवजी की पूजा के साथ शनि से जुड़े कुछ काम करने से साढ़ेसाती के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

कुंभ राशि वाले शिवलिंग पर जल चढ़ाएं

कुंभ राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का मध्य चरण चल रहा है। इस समय काम का दबाव, मन की बेचैनी और जिम्मेदारियां बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में आखिरी सावन सोमवार पर सुबह शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें। अगर संभव हो तो मंदिर में कुछ समय शांत बैठें। इस दिन जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना भी अच्छा रहेगा।

मीन राशि वाले करें शिव पूजा और दान

मीन राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण माना जाता है। इस दौरान कई बार व्यक्ति को बिना वजह चीजें अटकती हुई महसूस हो सकती हैं। काम बनते-बनते रुकना या जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ना परेशान कर सकता है। सावन के आखिरी सोमवार पर मीन राशि वाले शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं। इसके बाद जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार काला तिल, उड़द या कपड़े का दान कर सकते हैं। दान में दिखावे से ज्यादा जरूरतमंद व्यक्ति की मदद को महत्व दें।

मेष राशि वालों को गुस्से पर रखना होगा काबू

मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का आखिरी चरण माना जाता है। इस समय पुराने कामों का हिसाब पूरा करने और जिम्मेदारियों को निपटाने का दबाव रह सकता है। गुस्से में लिया गया फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। आखिरी सावन सोमवार पर शिव मंदिर जाकर जल चढ़ाएं। भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें और कुछ देर शांत मन से पूजा करें। किसी जरूरतमंद को भोजन कराना भी अच्छा रहेगा। इस दिन बेवजह बहस और विवाद से दूरी बनाकर रखें।

शनि की साढ़ेसाती में शिव पूजा क्यों?

ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय से जोड़कर देखा जाता है। वहीं भगवान शिव की पूजा को शनि की कठिन स्थिति में किए जाने वाले उपायों में गिना जाता है। भगवान शिव की पूजा करने से किसी भी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। सावन में शिव पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। इसलिए साढ़ेसाती से गुजर रहे लोग सावन के सोमवार पर शिव आराधना करते हैं।

एक काम तीनों राशियों के लिए खास

कुंभ, मीन और मेष राशि वाले सोमवार को शिव मंदिर में जाकर अपनी श्रद्धा के अनुसार जल चढ़ाएं, बेलपत्र अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें। इसके साथ किसी जरूरतमंद की मदद करना भी अच्छा माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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