Sawan: क्या बेलपत्र का वृक्ष घर में लगा सकते हैं?, मां लक्ष्मी और शिवजी का है स्वरूप

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Sawan Belpatra: भगवान शिव पर चढ़ने वाले बेलपत्र का वृक्ष घर में लगा सकते हैं या नहीं इसको लेकर अगर आप कंफ्यूज हैं तो आप यहां जान सकते हैं कि इसे घर में लगाए या नहीं।

shivji belpatra
शिवजी पर बेलपत्र क्यों चढ़ाते हैं?

सावन में भगवान शिव पर बेलपत्र तो आप अर्पित करते होंगे, लेकिन अक्सर इसको घर में लगाने को लेकर हम दुविधा में रहते हैं कि क्या बेलपत्र का पौधा घर में लगाना चाहिए। सावन में इसके पत्ते तो आप शिवजी पर अर्पित करते हैं,लेकिन क्या इसका वृक्ष अपने आंगन में सींच सकते हैं। आज सावन में शिव पूजा को लेकर हम इसी बारे में बात करेंगे।

क्या घर में बेलपत्र लगा सकते हैं?

पहले जानते हैं कि बेलपत्र का निर्माण कैसे हुआ, कहा जाता है कि मां लक्ष्मी के पसीने से इस वृक्ष की उत्तपत्ति हुई। ऐसा कहा जाता है कि अगर आप इस वृक्ष को अपने घर में लगाते हैं तो सा रे तीर्थ अपने आप विराजमान रहते हैं, अगर आपने एक बार लाइप में बेलपत्र का पौधा लगाया है तो आपको हजारों यज्ञों का फल एक क्षण में मिल जाता है। जो मनुष्य बेलपत्र का पौधा लगाता है, उसे सींचता है उसे जल देता है, उसके वंश का कभी नाश नहीं होता है। ये कांटेदारहोता है, लेकिन बेलपत्र का लगा सकते हैं, सुबह शाम इसके दर्शन बहत शुभ माना दया हैष लक्ष्मी उस घर को नहीं छोड़ती है। आपको बेलपत्र के पेड़ के नीचे बैठकर भजन करने का कई गुना फल मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि जो अपने हाथों से बेलपत्र का पेड़ लगाते हैं उके वंश का नाश नहीं होता। बेलपत्र के वृक्ष को काटना नहीं चाहिए, इससे वंश का नाश होता है। इसलिए घर में बेलपत्र का वृक्ष लगा सकते हैं, ऐसा कई धर्मगुरुओं का कहना है।

मां लक्ष्मी का है वास

क्या आपको पता है कि बेलपत्र में मां लक्ष्मी का वास माना गया है। बेलपत्र के पेड़ के नीचे पूजन से सभी देवता तो प्रसन्न होते हैं, साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा भी मिलती है। बेलपत्र का वृक्ष भगवान शिव और माता लक्ष्मी का स्वरूप है, और इसके पूजन से भक्त को 68 करोड़ तीर्थों के दर्शन के समान पुण्य मिलता है।

इसलिए घर में इनको रखना चाहिए, इससे मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। ऐसा कहा जाता है कि सावन में सोमवार या अष्टमी के दिन किसी शिवालय या घर के बेल वृक्ष के नीचे ब्राह्मण-ब्राह्मणी को श्रद्धापूर्वक खीर का भोजन कराएं और स्वयं भी उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।ऐसा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। जिस घर के समीप बेलपत्र का वृक्ष होता है, वहां कभी दरिद्रता नहीं आती और माता लक्ष्मी का स्थायी वास रहता है।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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