सावन में लगेंगे डबल ग्रहण, पंडित जी से जानें सूर्य और चंद्र ग्रहण का प्रभाव और किन राशियों को होगा लाभ?
Sawan 2026 Grahan: इस बार सावन में डबल ग्रहण लगेंगे। यह दोनों ग्रहण 15 दिनों के अंतराल में लगेंगे। जानें सावन में लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण का क्या पड़ेगा प्रभाव।

Surya and chandra grahan august 2026 prabhav: साल 2026 में दो ग्रहण लगने बाकी है। यह दोनों ग्रहण अगस्त महीने में लगेंगे। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस समय सावन का महीना रहेगा। अगस्त में पहले सूर्य ग्रहण लगेगा और उसके बाद चंद्र ग्रहण। दोनों ग्रहण में 15 दिन का अंतर होगा। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों महत्व है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, ज्योतिष में ग्रहण शब्द ही नकारात्मक माना जाता है। इसलिए सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की घटना अशुभ मानी जाती है, जिसका देश-दुनिया के साथ ही मानव जीवन पर भी प्रभाव पड़ता है। हालांकि ग्रहण सभी राशियों के लिए अशुभ हो, ऐसा भी जरूरी नहीं है। ग्रहण के समय कुछ विशेष ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ फलदायी साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि अगस्त में लगने वाले सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का प्रभाव और किन राशियों को लाभ और कब लगेंगे।
अगस्त में सूर्य ग्रहण कब लगेगा:
साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण 12 अगस्त को सावन अमावस्या पर लगेगा। इसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। जिसके कारण इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।
अगस्त में चंद्र ग्रहण कब लगेगा:
सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद श्रावण या सावन पू्र्णिमा पर दूसरा और साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। इस दिन रक्षा बंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका में नजर आएगा। ग्रहण भारत में नजर नहीं आने के कारण राखी का त्योहार मनाने में कोई बाधा नहीं आएगी।
सावन में लगने वाले सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का प्रभाव:
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का मानव जीवन के स्वास्थ्य और सरकारी तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। इस समय आपको स्वयं के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। पिता के स्वास्थ्य पर नजर रखें। इस समय कोई बड़ा फैसला नहीं लें। सरकारी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतें। किसी जरूरी कागजात पर साइन करते समय सावधानी बरतें, वरना कोई बड़ी परेशानी हो सकती है।
किन राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव:
ज्योतिष गणना के अनुसार, सावन के दौरान लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण मिथुन, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के लिए काफी हद तक राहत भरा साबित हो सकता है। इन भाग्यशाली राशियों को कार्यों में सफलता के साथ आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। रिश्तों में सुधार होगा। नए संपर्क बनेंगे, जिनका लाभ करियर में मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। आय के नए मार्ग खुलेंगे और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचाव के उपाय:
1. ग्रहण के बाद स्नान आदि करके शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
2.ग्रहण के समय 'महामृत्युंजय मंत्र' का जाप करना लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
3. ग्रहण के बाद पूजा-पाठ और सामर्थ्यनुसार दान करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


