सावन में कैसे कराएं भगवान शिव और माता पार्वती का गठबंधन, पूरी होगी हर मनोकामना
Shiv parvati gathbandhan vidhi: हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के गठबंधन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि शिव-पार्वती गठबंधन करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कैसे करना चाहिए शिव-पार्वती गठबंधन।

Shiv-Parvati ka gathbandhan kaise kare: सावन में शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। शिव भक्त भगवान शिव और माता पार्वती के दर्शन के साथ ही उनका गठबंधन भी करते हैं। यह गठबंधन प्रेम, समर्पण के साथ शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि शिव-पार्वती जी का गठबंधन करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और विवाह संबंधी परेशानियां खत्म होती हैं। इसे अखंड सौभाग्य और सुखद वैवाहिक जीवन की प्राप्ति के लिए एक प्रभावशाली उपाय भी माना गया है। शिव-पार्वती का गठबंधन सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए कुंवारी कन्याएं भी कर सकती हैं। अगर आप भी भगवान शिव-माता पार्वती की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो जानें सावन महीने में कैसे करें उनका गठबंधन।
भगवान शिव और माता पार्वती के गठबंधन की विधि:
सबसे पहले भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। भगवान शिव को पंचामृत से अभिषेक कराएं। अगर पंचामृत नहीं है, तो आप शुद्ध जल या गंगाजल से भी भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं। गठबंधन हमेशा शिवलिंग और माता पार्वती जी के विग्रह के साथ ही किया जाता है। इसके लिए फोटो का प्रयोग नहीं किया जाता है। अगर विग्रह उपलब्ध नहीं है तो आप मिट्टी से शिव-पार्वती बनाकर भी गठबंधन कर सकते हैं।
हिंदू धर्म में भगवान शिव के गले में विराजमान शेषनाग को भगवान नारायण का रूप माना गया है। इसलिए गठबंधन में इन्हें शामिल नहीं करना चाहिए। गठबंधन हमेशा शिव जी की ओर से शुरू करना चाहिए और मन ही मन में भगवान शिव के मंत्र 'ऊं नम: शिवाय' का जाप करना चाहिए। गठबंधन कराने के लिए मौली या कच्चे सूत से भगवान शिव और माता पार्वती के चारों ओर सात फेरे लगाने चाहिए। ध्यान रहे कि गठबंधन करते समय धागा बीच में टूटना या कम नहीं पड़ना चाहिए।
शिव-पार्वती गठबंधन का महत्व:
मान्यता है कि शिव-पार्वती गठबंधन करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है और वैवाहिक जीवन सुखद होता है। सुहागन स्त्रियों को अखंड सौभाग्य मिलने के साथ संतान की प्राप्ति होती है। शिव-पार्वती का कुंवारी कन्याओं के गठबंधन करने से मनचाहे और योग्य वर मिलने की मान्यता है।
भगवान शिव-पार्वती पूजन सामग्री:
भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा में प्रयोग होने वाली इसप्रकार है:
भगवान शिव और माता पार्वती का विग्रह, शहद, अक्षत, घी, तांबे का लोटा, चंदन, धूप, अगरबत्ती, रोली, कलावा, बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल, शक्कर, दही, कपूर, फल, सुहाग सामग्री, मिठाई, फूल आदि।


