Sawan: सावन शुरू होने से पहले जान लें शिवलिंग पर बेलपत्र सीधा चढ़ाना चाहिए या उलटा? जानें फायदे भी
Sawan me shivling par bel patra kis tarah chadhaye: हिंदू धर्म में सावन का महीना शिव कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्त शिवलिंग पर बेलपत्र व जल आदि अर्पित करते हैं। जानें शिवलिंग पर बेलपत्र किस तरह चढ़ाया जाता है।

Shivling par belpatra kaise chadhaen: देवों के देव महादेव की आराधना और उनकी कृपा पाने के लिए सावन माह को अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सावन महीना भगवान शिव का प्रिय माह है। इस माह में पूजा-पाठ और दान करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। बेलपत्र के तीन पत्ते (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के साथ ही भगवान शिव के त्रिनेत्र और त्रिशूल का प्रतीक माने जाते हैं। सावन में भगवान शिव प्रसन्न करने के लिए भक्त शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हैं। लेकिन क्या आप शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का सही तरीका जानते हैं? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं कि भगवान शिव की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर सीधा या उलटा बेलपत्र अर्पित कैसे अर्पित करना चाहिए।
कब से शुरू हो रहा सावन का महीना: साल 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी और 28 अगस्त 2026 को इसका समापन होगा। इस बार सावन में चार सोमवार का संयोग बन रहा है। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को है, दूसरा 10 अगस्त 2026, तीसरा सावन सोमवार 17 अगस्त 2026, चौथा और आखिरी सावन सोमवार 24 अगस्त 2026 को है।
शिवलिंग की ओर कौन-सा हिस्सा होना चाहिए:
शास्त्रों के अनुसार, बेलपत्र चढ़ाते समय उसका चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर यानी नीचे की ओर होना चाहिए। जबकि खुरदरा हिस्सा ऊपर की ओर होना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र का मध्य भाग पकड़ते हुए अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा ध्यान रखें कि बेलपत्र कहीं से कटा-फटा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से पहले बेलपत्र पर चंदन का टीका लगाना या उस पर ऊं लिखना अत्यंत शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि बेलपत्र हमेशा स्वच्छ व साफ-सुथरा हो और इसे चिकनी सतह की ओर से ही शिवलिंग पर अर्पित करें।
शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के लाभ:
शिवपुराण में वर्णित है कि शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। शिव कृपा से मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-समृद्धि के साथ शांति आती है। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से मानसिक शांति मिलने की भी मान्यता है।
शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाना चाहिए: शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सच्चे से मन से चढ़ाया गया एक बेलपत्र भी पर्याप्त है। सामान्य तौर पर शिवलिंग पर 3, 5, 11, 21 या 108 बेलपत्र चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


