Shiv ji ki Kahani: जब भगवान शिव ने पैर के अंगूठे से दबा दिया था कैलाश पर्वत, टूटा था रावण का अहंकार

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Lord Shiva and Ravana Story in hindi: शास्त्रों में वर्णित पौराणिक कथाएं लंकापति रावण को भगवान शिव का परम भक्त बताती हैं। एक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने रावण का अहंकार तोड़ने के लिए कैलाश पर्वत को अपने पांव के अंगूठे से दबाया था।

shiv ji aur ravan ki kahani
रावण ने क्यों की थी शिव तांडव स्रोत की रचना?

Why ravana created shiv tandav stotram: अभी भगवान शिव का प्रिय सावन महीना चल रहा है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। भगवान शिव की पूजा में मंत्र जाप के साथ ही शिव तांडव स्रोत का भी अधिक महत्व है। मान्यता है कि इस स्रोत का जप करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिव तांडव स्रोत की रचना लंकापति रावण ने की थी। पौराणिक कथा से जानें कैसे भगवान शंकर ने कैलाश पर्वत को अपने पैर के अंगूठे से दबाकर कर कैसे रावण का अहंकार तोड़ा था और रावण ने क्यों रचा था शिव तांडव स्रोत।

जब भगवान शिव ने तोड़ा था रावण का अहंकार:

कथा के अनुसार, एक बार रावण अपने पुष्पक विमान से भ्रमण कर रहा था, रास्ते में वह एक वन क्षेत्र से गुजरा था। उस जगह की एक पहाड़ी पर भगवान शिव ध्यानमग्न बैठे थे। भगवान शिव के गणों ने रावण को रोकते हुए कहा कि उसका यहां से निकलना निषेध है, क्योंकि महादेव तप में लीन हैं। रावण को गणों की यह बात सुनकर क्रोध आ गया। रावण ने अपने पुष्पक विमान नीचे उतारा और भगवान शिव के प्रिय नंदी का अपमान किया। इसके बाद भगवान शिव जिस पर्वत (कैलाश पर्वत) पर विराजमान थे, उसे उठाकर लंका ले जाने की कोशिश करने लगा।

रावण ने की शिव तांडव स्रोत की रचना:

रावण की मंशा को भांपते हुए भगवान शिव ने कैलाश पर्वत को अपने पैर के अंगूठे से दबाकर जहां था वहीं पर स्थिर कर दिया। भगवान शंकर के पैर के अंगूठे के नीचे रावण का हाथ भी दब गया। अपनी हथेली को निकालने के लिए रावण ने कई प्रयास किए, लेकिन असफल रहा। दर्द से वह बिलबिलाता रहा। रावण का दर्द देखकर नंदी को रहा नहीं गया और अंत में उन्होंने भगवान शिव को प्रसन्न करने का सुझाव दिया। जिसके बाद रावण ने शिव तांडव स्रोत की रचना की। इसे सुनकर भगवान शिव ने कैलाश पर्वत से भार कम दिया, जिससे रावण का हाथ बाहर निकल गया और उसे दर्द से मुक्ति मिल गई थी।

शिव तांडव स्रोत की खास बातें:

संस्कृत में रचित शिव तांडव स्रोत की लयात्मकता इसे खास बनाती है। इसमें रावण ने भगवान शिव के रौद्र रूप, तांडव नृत्य और संपूर्ण ब्रह्मांडीय शक्ति का वर्णन किया था। रावण ने इसमें भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया है।

मान्यता है कि शिव तांडव स्रोत का नियमित पाठ करने से आत्मविश्वास में वृद्धि के साथ धन की स्थिति में सुधार होता है। वाणी सिद्धि की प्राप्ति होती है। इसे ब्रह्म मुहूर्त या शाम के समय प्रदोष काल में जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan