सावन में इन चीजों का दान माना जाता है शुभ, भोलेनाथ की मिलती है विशेष कृपा

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सावन में इन चीजों का दान करने से भोलेनाथ की विशेष कृपा मिलती है। चावल, तिल, चांदी, नमक और हरी सब्जियों का दान ग्रह दोष दूर करता है और सुख-समृद्धि लाता है। जानिए सावन दान के नियम, सही समय और फायदे।

सावन महीने में दान के नियम और महत्व

देवों के देव महादेव को समर्पित सावन का पवित्र महीना इस बार 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। इस पवित्र महीने में शिव भक्त ना सिर्फ जलाभिषेक और कावड़ यात्रा करते हैं, बल्कि दान-पुण्य के माध्यम से भी भोलेनाथ की विशेष कृपा पाने की कोशिश करते हैं। सावन में किया गया दान सामान्य दान से कई गुना अधिक फलदायी माना जाता है। इन दानों से ग्रह दोष शांत होते हैं, किस्मत चमकती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

सावन में दान का महत्व

सावन में दान करने का अपना अलग महत्व है। मान्यता है कि इस महीने में भगवान शिव सीधे भक्तों की मनोकामनाएं सुनते हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से दान करता है, उसे ना सिर्फ वांछित फल मिलता है बल्कि आने वाली परेशानियां भी कम हो जाती हैं। सावन का दान ग्रहों की कमजोर स्थिति को सुधारने में भी सहायक सिद्ध होता है। इसलिए इस महीने कुछ खास चीजों का दान करने से भोलेनाथ की कृपा जल्दी प्राप्त होती है।

चावल, चीनी और सफेद वस्त्र का दान

अगर आप मानसिक तनाव, चिंता, नींद नहीं आना या भावनात्मक अस्थिरता से गुजर रहे हैं, तो चंद्रमा की स्थिति कमजोर हो सकती है। सावन में चावल, चीनी और सफेद कपड़े का दान करने से चंद्रमा बलवान होता है। ये चीजें किसी ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को दान करें। ऐसा करने से मन शांत होता है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति मिलती है।

हरी चीजों का दान

नौकरी में तरक्की नहीं होना, व्यापार में रुकावट या पढ़ाई में मन नहीं लगना बुध ग्रह की कमजोरी का संकेत हो सकता है। सावन के महीने में साबुत मूंग, हरी सब्जियां और हरे फलों का दान करने से बुध ग्रह मजबूत होता है। ये दान बुद्धि को तेज करते हैं और व्यवसाय या नौकरी में सफलता दिलाते हैं। हरी वस्तुओं का दान करने से व्यक्ति की सोच साफ होती है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

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काले तिल और शनि संबंधी दान

शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। सावन में काले तिल, काली उड़द, छाता, चमड़े के जूते या कंबल का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। ये दान व्यक्ति को शनि के कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं और जीवन में स्थिरता लाते हैं। शनि की कृपा से व्यक्ति मेहनत का सही फल पाने लगता है।

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नमक का दान

जीवन में लगातार परेशानियां आ रही हों और कोई हल नहीं निकल रहा हो, तो नमक का दान करें। नमक शनि से जुड़ा माना जाता है। सावन में नमक दान करने से शनि की पीड़ा कम होती है। इससे आर्थिक स्थिति सुधरती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। नमक दान करने से अन्य ग्रह दोष भी प्रभावित होते हैं।

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सावन में दान सच्चे मन और श्रद्धा से करें। दान ब्राह्मण या जरूरतमंद को ही करें। दान के बाद भगवान शिव का ध्यान करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। इन उपायों को नियमित करने से भोलेनाथ की कृपा मिलती है और जीवन की सारी बाधाएं दूर होती हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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