सावन में करें ये 2 आसान उपाय, शनि, राहु और केतु के अशुभ असर से मिल सकती है राहत
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान रुद्राभिषेक कराना और जरूरतमंदों को दूध का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन उपायों से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और शनि, राहु तथा केतु के अशुभ प्रभावों को कम करने में सहायता मिल सकती है।

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे खास माना जाता है। इस पूरे महीने में बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय है। इस दौरान की गई पूजा, जप और दान का विशेष फल मिलता है। मंदिरों में रुद्राभिषेक, शिव चालीसा का पाठ, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है।
कुंडली में शनि, राहु और केतु के कारण परेशानी के उपाय
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि, राहु और केतु के कारण परेशानी चल रही है, तो सावन में किए गए कुछ आसान उपाय राहत देने वाले माने जाते हैं। उनका कहना है कि भगवान शिव की कृपा से इन ग्रहों के अशुभ असर को कम करने में मदद मिल सकती है।
रुद्राभिषेक कराना माना जाता है शुभ
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार सावन में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और जीवन में चल रही कई तरह की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। जिन लोगों को नौकरी, कारोबार, परिवार या सेहत से जुड़ी दिक्कतें आ रही हैं, वे अपनी श्रद्धा के अनुसार रुद्राभिषेक करा सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे शनि, राहु और केतु के अशुभ असर में भी कमी आ सकती है।
जरूरतमंद को करें दूध का दान
पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि सावन में जरूरतमंद लोगों को दूध का दान करना भी बहुत अच्छा माना गया है। अपनी क्षमता के अनुसार किसी गरीब, जरूरतमंद या धार्मिक स्थान पर दूध का दान किया जा सकता है। मान्यता है कि इस उपाय से भगवान शिव की कृपा मिलती है और ग्रहों के कारण आने वाली परेशानियां कम होने लगती हैं। दान हमेशा अपनी इच्छा और श्रद्धा से करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


