जुलाई में शनि चलेंगे उलटी चाल, साढ़ेसाती से पीड़ित मेष, कुंभ और मीन राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
Vakri Shani effect on sade sati rashi: न्यायदेवता शनि 27 जुलाई को अपनी चाल बदलने वाले हैं। शनि की चाल में होने वाला परिवर्तन साढ़ेसाती से पीड़ित राशियां मेष, कुंभ और मीन राशि के लिए कैसा रहेगा?

Vakri Shani 2026 Effect on Saturn Retrograde: न्याय देवता शनि 27 जुलाई 2026 को अपनी चाल में बदलाव करने वाले हैं। शनि वक्री यानी उलटी चाल शुरू करेंगे। इस समय शनि मीन राशि के गोचर में हैं। मीन राशि में शनि की उलटी चाल का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि की वक्री चाल से साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव है। जानें पंडित नरेंद्र उपाध्याय से शनि की साढ़ेसाती से पीड़ित राशियों पर वक्री चाल का क्या प्रभाव पड़ेगा।
शनि वक्री मेष राशि पर कैसा डालेंगे प्रभाव:
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, मेष राशि के लिए शनि की वक्री चाल बहुत कष्टकारी सिद्ध नहीं होगी। यह समय आपके लिए मिश्रित फलों वाला साबित होगा। हालांकि किसी भी पहलू में ना ही बहुत ज्यादा फायदा होगा और ना ही नुकसान होगा। परिवार से संबंधित परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो राहत मिलने के संकेत हैं। विवाहित और अविवाहित दोनों की पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। ऑफिस में अपनी लीडरशिप क्वालिटी दिखाने के अवसर मिलेंगे। निवेश की योजना बना रहे हैं, तो फिलहाल के लिए टाल देना ही बेहतर रहेगा। आय और व्यय के बीच संतुलन बना रहेगा, जिससे आर्थिक परेशानियां सामने नहीं आएंगी। शनि की शारीरिक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं, जिससे आप अधिक कार्यों को करने में सफल रहेंगे। मानसिक तौर पर स्वस्थ महसूस करेंगे और ऊर्जावान रहेंगे।
कुंभ राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:
कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं। इस समय कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण चल रहा है। वक्री शनि अपनी स्वराशि के लिए अच्छे नहीं साबित होंगे। पंडित उपाध्याय के अनुसार, इस समय आपका मन विचलित रह सकता है। तरह-तरह की चिंताएं सता सकती हैं, जिससे मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर सकते हैं। खर्चों में अधिकता आएगी। आय के सोर्स कम हो सकते हैं, जिससे आर्थिक संकट घेर सकता है।
मीन राशि पर वक्री शनि का कैसा रहेगा प्रभाव:
मीन राशि के स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु और शनि न तो पक्के मित्र माने जाते हैं और न ही शत्रु। यह दोनों ग्रह एक-दूसरे के सम यानी तटस्थ माने जाते हैं। पंडित जी के अनुसार, मीन राशि वालों को इस समय धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए। किसी भी फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। आपके द्वारा बनाई गई योजनाएं अभी सफल नहीं होंगी, इसलिए थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहेगा।
शनि कब होंगे मार्गी:
शनि 11 दिसंबर 2026, शुक्रवार को मीन राशि में वक्री से मार्गी हो जाएंगे। शनि कुल 138 दिनों के लिए अपनी चाल में बदलाव कर रहे हैं।
शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय-
- शनिवार को व्रत करें और शनि मंदिर जातक शनिदेव के दर्शन करें।
- शनिवार को सरसों के तेल, लोहा, काले वस्त्र और काली उड़द की दाल का दान करें।
- शनिवार को शाम के समय पीपल के वृक्ष के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और उसकी परिक्रमा करनी चाहिए।
- हनुमान जी की पूजा करें और प्रतिदिन या शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


