शनिवार को पानी में तिल डालकर नहाने के 3 फायदे, शनि दोष-साढ़ेसाती का असर भी होगा कम
शनिवार को नहाने के पानी में काले तिल डालना शुभ माना जाता है। जानिए इस आसान उपाय से शनि दोष, साढ़ेसाती और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़े 3 बड़े फायदे।

सनातन धर्म में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन किए गए कुछ आसान से उपाय करने से शनिदेव की खूब कृपा मिलती है। इन्हीं में से एक है नहाने के पानी में काला तिल डालना। ज्योतिषीय मान्यता है कि इस उपाय से कई फायदे मिलते हैं। ना सिर्फ इससे शनि दोष शांत होता है बल्कि जिंदगी में आने वाली कई परेशानियां भी दूर हो जाती हैं। जानिए पानी में तिल डालकर नहाने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं? साथ में जानें कि इस उपाय को करते हुए किस गलती से बचना है?
1. शनि दोष और साढ़ेसाती का असर होगा कम
काले तिल का संबंध शनि देव से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि शनिवार के दिन पानी में काले तिल डालकर स्नान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। अगर किसी की कुंडली में शनि कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, या शनि की ढैया और साढ़ेसाती चल रही हो, तो यह उपाय लाभकारी माना जाता है। इससे जीवन में बार-बार आने वाली रुकावटों और परेशानियों का असर कम होने की मान्यता है।
2. दूर होती है नेगेटिव एनर्जी
पूरे हफ्ते नौकरी की भागदौड़ की वजह से मन और शरीर दोनों ही थक जाते हैं। ऐसे में कई बार हम पर नगेटेविटी काफी हद तक हावी हो जाती है। धार्मिक मान्यता है कि पानी में काला तिल डालकर नहाने से नजर दोष काफी हद तक दूर हो जाता है। इस पानी से नहाते ही हल्का और पॉजिटिव महसूस होने लगता है।
3. बनते हैं रुके हुए काम
ऐसा कई बार होता है ना कि लगातार पूरी मेहनत करने के बाद भी आखिरी समय में काम अटक जाता है। इसे एक तरह से भाग्य का रुकावट भी कहा जाता है। मान्यता है कि जब आप पानी में तिल डालकर नहाएंगे तो इससे करियर और बिजनेस में आने वाली रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। ऐसा भी माना जाता बै कि इससे तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं और पैसों के सोर्स बढ़ने की संभावना भी ज्यादा हो जाती है।
ऐसे करें ये आसान उपाय
सुनने में तो ये उपाय आसान सा लगता है लेकिन छोटी सी गलती से इसका असर उलटा भी पड़ सकता है। शनिवार की सुबह नहाने के पानी में थोड़े से काले तिल डाल दें। इसी पानी से स्नान करें। नहाने के बाद बाल्टी या फिर टब में बचे हुए तिल को ना फेंके। ना ही इसे पैरों के नीचे आने दें। इसे आप पौधों में डाल दें।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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