
Saraswati Mata Aarti : आज बसंत पंचमी पर करें सरस्वती मां की आरती, जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता…
Saraswati Mata Aarti: हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल बसंत पंचमी का पर्व आज, 23 जनवरी शुक्रवार को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती का जन्म बसंत पंचमी के दिन हुआ था।
Saraswati Mata Aarti: हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। आज 23 जनवरी शुक्रवार को बसंत पचंमी का पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती का जन्म बसंत पंचमी के दिन हुआ था। बसंत पंचमी का दिन विद्या, ज्ञान, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित माना जाता है। इस दिन बुद्धि, विवेक तेज करने के लिए विद्यार्थियों द्वारा मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। साधक प्रातः काल स्नान करके पीले वस्त्र धारण कर हल्दी या केशर से सरस्वती को टीका लगाकर पीले फूल की माला पहनाए। धूप, घी का दीप तथा पीला भोज्य पदार्थ मिला लड्डू अर्पित करें। इस दिन घरों, स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है। खासतौर पर विद्यार्थी, शिक्षक, लेखक, कलाकार और संगीत से जुड़े लोग मां शारदा की आराधना करते हैं। मान्यता है कि बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आरती अवश्य करें। आगे पढ़ें मां सरस्वती की आरती-
Saraswati Mata Aarti, सरस्वती मां की आरती-
जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि,
द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
बाएं कर में वीणा,
दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे,
गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
देवी शरण जो आए,
उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी,
रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि,
ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का,
जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
धूप दीप फल मेवा,
माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता,
जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता...॥
माँ सरस्वती की आरती,
जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी,
ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता...॥





