
Sakat Chauth Vrat : 6 जनवरी को रखा जाएगा सकट चौथ व्रत, इस समय होगा चंद्रोदय, नोट कर लें पूजा का शुभ मुहूर्त
Sakat Chauth Vrat Kab Hai Date : हिंदू धर्म में सकट चौथ का विशेष महत्व माना गया है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा के लिए रखा जाता है। सकट चौथ माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है।
Sakat Chauth Vrat Kab Hai Date : हिंदू धर्म में सकट चौथ का विशेष महत्व माना गया है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा के लिए रखा जाता है। सकट चौथ माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं पूरे श्रद्धा भाव से सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देव की पूजा करती हैं। पंचांग के अनुसार इस बार तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर सही तारीख स्पष्ट है।
सकट चौथ का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सकट चौथ का व्रत रखने से सकट माता संतान पर आने वाले संकटों को दूर करती हैं। साथ ही भगवान गणेश की कृपा से जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं। चंद्र देव के दर्शन से मानसिक शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। सकट चौथ को तिल-कुटा चौथ, तिलवा चौथ और माघी चौथ भी कहा जाता है। इस दिन तिल का पहाड़ बनाकर पूजा करना और उसे चांदी के सिक्के से काटना संतान के मंगल की कामना का प्रतीक माना जाता है।
सकट चौथ 2026 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 06 जनवरी 2026 को सुबह 08:01 बजे शुरू होकर 07 जनवरी 2026 को सुबह 06:52 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार सकट चौथ का व्रत 06 जनवरी 2026, मंगलवार को ही रखा जाएगा।
चांद निकलने का समय- इस दिन चंद्रमा का उदय रात 08:54 बजे होगा। सकट चौथ का व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है, इसलिए चंद्रोदय का समय विशेष महत्व रखता है। देश के विभिन्न हिस्सों में चांद निकलने का समय अलग-अलग हो सकता है।
पूजा के शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त 05:26 ए एम से 06:21 ए एम
अभिजित मुहूर्त 12:06 पी एम से 12:48 पी एम
विजय मुहूर्त 02:11 पी एम से 02:53 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 05:36 पी एम से 06:04 पी एम
अमृत काल 10:46 ए एम से 12:17 पी एम
निशिता मुहूर्त 12:00 पी एम से 12:54 ए एम, जनवरी 07
सर्वार्थ सिद्धि योग 07:15 ए एम से 12:17 पी एम
सकट चौथ की पूजा विधि
सकट चौथ के दिन महिलाएं प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके बाद भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। पूजा में दूर्वा, मोदक, तिल के लड्डू, फूल और धूप-दीप अर्पित किए जाते हैं। पूजा के बाद सकट चौथ की व्रत कथा सुनी या पढ़ी जाती है। शाम के समय चंद्रमा के उदय होने पर चंद्र देव की पूजा की जाती है और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रत खोला जाता है।
सकट चौथ के दिन क्या करें-
सकट चौथ के दिन तिल का विशेष महत्व होता है। इस दिन तिल से बने व्यंजन जैसे तिल के लड्डू, तिलकुट आदि का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि तिल का दान करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। इस दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना गया है। काले तिल, गुड़, घी, गर्म कपड़े और अन्न का दान अपनी क्षमता अनुसार किया जा सकता है।





