
Sakat chauth chand time 2026: आज सकट चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा? जानें चांद पूजन मुहूर्त
Sakat Chauth Chand Nikalne Ka time: आज सकट चौथ व्रत है। इस दिन महिलाएं संतान के लिए निर्जला व्रत रखते हैं। सकट चौथ पर चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। जानें सकट चौथ पर कितने बजे चांद निकलेगा
माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सकट चौथ मनाई जाती है। इसे सकट चौथ, संकष्टी चतुर्थी, माघी चौथ, तिलकुट चतुर्थी, वक्रतुंडी चतुर्थी भी कहा जाता है। इस साल भी लोगों में इसकी तिथि को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति बनी है। माघ मास की यह चौथ बहुत बड़ी है। इसमें माताएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत में निर्जला व्रत किया जाता है। माताएं पूरे दिन व्रत करके रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत तोड़ती हैं। चन्द्रमा इस दिन कर्क राशि में रहेगा, इसके बाद सिंह राशि पर संचार करेगा। इसके अलावा इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग के साथ इस दिन आयुष्मान योग बनेगा जो 6 जनवरी को शाम रात 08:21 बजे से होगा। इस दिन मघा नक्षत्र और अश्लेषा नक्षत्र के साथ प्रीति योग का भी संयोग बन रहा है।
सकट चौथ व्रत की विधि क्या है
नारद पुराण में इस व्रत के बारे में बताया गया है। इसमें लिखा है कि माघ कृष्णा चतुर्थी को संकष्टी व्रत रखते हैं। जाता है। उसमें उपवास का संकल्प लेकर व्रत करने वाला सुबह से लेकर चन्द्रोदयकाल नियमों का पालन करेंं। इस समय तक लोगों को मन को काबू में रखना है। शाम कोचन्द्रोदय होने पर मिट्टी की गणेशमूर्ति बनाकर उसे स्थापित करें। इसके बाद गणेशजी के साथ उनके आयुध और वाहन भी होने चाहिए। मूर्तिमें गणेशजीकी स्थापना करके विधिपूर्वक उनका पूजन करें। फिर मोदक तथा गुड़ में बने हुए तिल के लड्डू का भोग लगाएं। नैवेद्य अर्पण करे। इस प्रकार पूजा कर सकट चौथ कथा पढ़ें। इस पर्व में तिल का विशेष महत्व है, इसलिए इसे तिलकुटा चौथ भी कहते हैं।
कब है सकट चौथ का व्रत
इस साल सकट चौथ के व्रत को लेकर कंफ्यूजन है तो जान लें कि 6 जनवरी को सकट चौथ का व्रत रखा जाएगा। कुछ लोग कह रहे हैं कि 7 जनवरी को उदया तिथि में सकट चौथ व्रत है। पंचांग के अनुसार सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 को ही रखना शास्त्रसम्मत होगा।पंचांग के अनुसार संकष्टी चतुर्थी तिथि का आरंभ 6 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से होगा, जो 7 जनवरी की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इस व्रत में शाम को अर्घ्य दिया जाता है, इसलिए शाम के समय चौथ होना चाहिेए। संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही पूर्ण किया जाता है और 6 जनवरी की संध्या में चतुर्थी तिथि रहेगी, इसलिए व्रत उसी दिन करना उचित माना गया है। 7 जनवरी को व्रत रखना शास्त्रों के अनुसार मान्य नहीं है।
सकट चौथ पूजा विधि और भोग
यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है।इस दिन भगवान गणेश की पूजा कर उन्हें तिल और गुड़ से बना तिलकुट, तिल के लड्डू का भोग लगाया जाता है। इस दिन तिल और गुड़ से तिलकुटा बनाकर इससे बकरे का आकृति बनाते हैं। माघ मास में तिल का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन व्रत रखकर सास को बायने में पूरी, तिलकुटा और तिल से बनी चीजों के साथ कपड़े, पैसे और सुहाग का सामान देते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। इससे व्रत पूरा होता है।
सकट चौथ पूजा के शुभ मुहूर्त
राहुकाल - 3:12 दोपहर– 4:31 दोपहर
अभिजीत मुहूर्त - 12:11 दोपहर – 12:53 दोपहर
अमृत काल - 10:44 दोपहर – 12:16 दोपहर
ब्रह्म मुहूर्त - 05:37 सुबह– 06:25 सुबह
सकट चौथ चांद कब निकलेगा
आपको बता दें कि सकट चौथ का चांद अधिकतर लेट निकलता है। इस साल सकट चौथ व्रत के दिन चांद रात में 9 बजकर 25 मिनट पर निकलेगा। जगहों क स्थिति को देखते हुए कुछ मिनटों को फर्क होता है। 2026 में सकट चौथ का चंद्रमा उदय दिल्ली में चंद्रमा लगभग रात 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच निकल जाएगा। इस समय चांद पूजा कर अर्घ्य दें।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





