
सकट चौथ का चांद न दिखने पर ऐसे करें पूजा, इस विधि से दें चंद्रमा को अर्घ्य
Sakat Chauth Ka Chand 2026: आज प्रीति योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा। सकट चौथ के व्रत का पारण चंद्रमा के दर्शन करने के बाद किया जाता है। आइए जानते हैं सकट चौथ पर चंद्र को अर्घ्य देने की विधि व चांद न दिखने पर कैसे करें पूजा-
Sakat Chauth Ka Chand: सकट चौथ को तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ और वक्रतुण्ड चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर 07 जनवरी की सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। चंद्रोदय छह जनवरी को चतुर्थी तिथि में ही होगा, इसलिए व्रत इसी दिन मंगलवार को रखा जाएगा। शाम को गणेश पूजा के बाद तिल-गुड़ से तैयार तिलकुट का भोग लगाया जाएगा। प्रीति योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा, जबकि रात 8:21 बजे के बाद आयुष्मान योग आरंभ होगा। इसके साथ ही धनु राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र ग्रह एक साथ गोचर करेंगे जिससे चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। सकट चौथ के व्रत का पारण चंद्रमा के दर्शन करने के बाद किया जाता है। आइए जानते हैं सकट चौथ पर चंद्र को अर्घ्य देने की विधि व चांद न दिखने पर कैसे करें पूजा-
इस विधि से दें चंद्रमा को अर्घ्य
चंद्रमा के दर्शन करने के बाद एक पात्र (चांदी या तांबा) में शुद्ध जल, दूध, चावल, सफेद फूल, चंदन और मिश्री मिलाकर अर्घ्य दें। चंद्रोदय के बाद पूर्व या उत्तर-पूर्व की दिशा की ओर मुख करके "ॐ चंद्राय नमः" मंत्र का जाप करते हुए चंद्र देव को अर्घ्य दें।
सकट चौथ का चांद न दिखने पर ऐसे करें पूजा
1- शिव भगवान की फोटो के जरिए उनके मस्तक पर विराजमान चंद्र देव के दर्शन कर सकते हैं। फिर चंद्रमा की पूजा करके अपनी मनोकामना कहें और क्षमा याचना करें।
2- चांद के दर्शन न होने पर थाली में चावल लेकर उसे चांद का आकार देकर अर्घ्य दें।
3- जिस क्षेत्र में चंद्रमा दिख गया हो वहां से तस्वीर मंगवाकर उसके दर्शन कर महिलाएं व्रत खोल सकती हैं।
4- अपने दोस्तों व रिश्तेदारों से चांद के निकलने का समय पूछें और उसके बाद उस दिशा में मुंह करके सकट चौथ की पूजा करें और चंद्रदेव से क्षमा याचना करें।
5- सकट चौथ के दिन किसी कारण आपको चांद दिखाई न दे तब भी शुभ मुहूर्त में ही पूजा करें। इसके लिए चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिचाएं। फिर चावल से चांद की आकृति बनाएं। ओम चतुर्थ चंद्राय नम: मंत्र का जाप कर चंद्रमा का आह्नान करने के बाद विधि-विधान से व्रत पूरा करें।
6- अगर चांद न दिखे तो घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त कर व्रत तोड़ें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





